- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CWG विजेताओं से मुलाकात कर खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना की।
- खिलाड़ियों ने अपनी चुनौतियों, संघर्ष, गुरु-पूजा, राष्ट्रीय भावना और देश के लिए पदक जीतने के जज्बे को साझा किया।
- प्रधानमंत्री ने कहा—खेलों में मिली जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है; केवल पदक नहीं, खेल संस्कृति भी मजबूत हो रही है।
- खिलाड़ियों ने ‘Khelo India’ योजना को लेकर अनुभव साझा किए; प्रधानमंत्री ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
- सेना से जुड़े खिलाड़ियों ने कर्जिल विजय दिवस और पाकिस्तान के खिलाफ जीत का जिक्र करते हुए देशभक्ति को प्रमुख बताया।
- प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य, खेल में निरंतर सफलता और देश के लिए गौरव हासिल करने की शुभकामनाएँ दीं।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11 अगस्त :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विजेताओं से अपने आवास पर मिलकर उनके संघर्ष, मेहनत और देश के लिए मिली उपलब्धियों की सराहना की।
पीएम ने कहा—”अगर मुझसे मिलने सबसे ज्यादा कोई आए हैं, तो वे खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 वर्षों से आपकी मेहनत और जीत से देश को गौरव मिला है। आपके पदक बाकी युवाओं के लिए असली प्रेरणा हैं।”
खिलाड़ियों ने भी प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए गुरु-पूजा, राष्ट्रीय भावना और खेल के प्रति अपने संघर्ष की बातें बताईं।
एक खिलाड़ी ने कहा—”पेरिस ओलंपिक में 1 किलो से चूक गया था, लेकिन कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतकर गुरु को तोहफा दिया। चार साल चोट, परिवारिक परेशानी और संघर्ष से भरे थे।”
एक अन्य खिलाड़ी, जो सेना से जुड़े हैं, ने कर्जिल विजय दिवस पर पाकिस्तान को हराकर जीत देश की सेना को समर्पित की।
प्रधानमंत्री ने कहा—”खिलाड़ियों की जीत न सिर्फ उनका व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है। देश में खेल संस्कृति विकसित हो रही है, यही असली उपलब्धि है।”
पीएम ने ‘Khelo India’ योजना, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, और खेल संरचना पर विशेष चर्चा की और सबको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
अंत में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा—”जो खेलेगा, वही खिलेगा। आप आगे भी देश का नाम रोशन करते रहें।”