- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी रैली स्थल पर ‘शुद्धिकरण’ हवन को जातिवादी भेदभाव बताया।
- कहा- ‘देश में दलितों के लिए कोई जगह नहीं’, और ऐसे कृत्यों से समाज में बंटवारा हो रहा है।
- भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने: भाजपा ने जाति कनेक्शन से इनकार किया, कांग्रेस ने इसे समानता पर हमला कहा।
- संसद और राज्यों में इस मामले को लेकर धर्म, जाति और लोकतंत्र पर तीखी बहस।
समग्र समाचार सेवा
उत्तराखंड ,हल्द्वानी 13 अगस्त :काँग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में अपनी रैली के बाद श्री राम सेना द्वारा किये गये ‘शुद्धिकरण’ हवन को गहरी जातिवादी मानसिकता और दलितों के प्रति भेदभाव का प्रतीक बताया है। खड़गे ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया और कहा कि ऐसे कृत्य दिखाते हैं कि ‘दलितों के लिए कोई जगह नहीं’ और समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास किया जा रहा है।खड़गे ने सवाल किया कि सार्वजनिक स्थल पर शुद्धिकरण की जरूरत क्यों पड़ी, जबकि उनके भाषण में किसी धर्म या समुदाय का उल्लेख नहीं था।
कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भाजपा पर सामाजिक विभाजन बढ़ाने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने किसी भी संबंध से इनकार किया और कहा कि यह घटना कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले नारों के जवाब में हुई।यह विवाद संसद और राज्य स्तर पर जोरदार बहस की वजह बना हुआ है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे खड़गे की दलित पहचान से जोड़ा और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाया। भाजपा नेताओं, खासकर खजान दास ने, कांग्रेस पर ही अतीत में दलित नेताओं का अपमान करने का आरोप लगाया। इस घटनाक्रम ने जाति, सांप्रदायिकता और संविधान की रक्षा को लेकर राष्ट्रीय बहस को फिर से तेज कर दिया है।