CBN Operation Black Hawk: लखनऊ में पकड़ा गया हेरोइन सिंडिकेट
CBN Operation Black Hawk के तहत लखनऊ के पास 18.64 किलो क्रूड हेरोइन बरामद। तीन अंतर-राज्यीय तस्कर गिरफ्तार।
- CBN Operation Black Hawk के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
- लखनऊ के पास हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने एक वाहन के ईंधन टैंक में छिपाए गए वाटरप्रूफ पैकेटों से 18.64 किलो क्रूड हेरोइन बरामद की।
- इस सनसनीखेज कार्रवाई के दौरान तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, और मामले की आगे की जांच जारी है।
समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की संयुक्त टीमों द्वारा चलाई गई Operation “Black Hawk” के तहत एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस गुप्त अभियान के दौरान कुल 18.64 किलोग्राम क्रूड हेरोइन जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक है। यह प्रतिबंधित खेप कथित तौर पर उत्तर-पूर्व के एक राज्य से लाई जा रही थी और उत्तर प्रदेश में इसकी खपत की जानी थी।
छापेमारी और वाहनों की निगरानी का अनोखा तरीका
खुफिया इनपुट के आधार पर सीबीएन की टीमों ने सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर रणनीतिक घेराबंदी की थी। टोल प्लाजा पर लगातार ट्रैकिंग के बाद असम नंबर की एक संदिग्ध कार को लखनऊ के पास रोका गया। शुरुआती जांच में गाड़ी खाली लग रही थी और उसमें सवार लोग खुद को निर्दोष बता रहे थे। हालांकि, पूछताछ के दौरान जब यह सामने आया कि वाहन ने महज 500 किलोमीटर के दायरे में चार बार ईंधन भरवाया था, तो अधिकारियों का शक गहरा गया। इसके बाद वाहन को सीबीएन कार्यालय लाया गया, जहां तकनीकी सहायता से ईंधन टैंक को काटकर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त डिब्बे का खुलासा किया गया।
वाटरप्रूफ पैकेटों में छिपाई गई थी अवैध खेप
विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त डिब्बे से 25 वाटरप्रूफ पैकेट बरामद किए गए, जिनमें कुल 18.64 किलोग्राम क्रूड हेरोइन भरी हुई थी। इस जब्ती के बाद एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत दोनों संदिग्धों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीएन के इस बड़े एक्शन से नशीली दवाओं के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस सिंडिकेट के तार देश के अन्य हिस्सों में कहां-कहां जुड़े हुए हैं।