गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में औसत चाय कीमत लगभग 15% घटी
कीमत 264.89 रुपये से घटकर 221.57 रुपये प्रति किलो रह गई
बाढ़, गर्मी और कीट प्रकोप से उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित हुई
निर्यात कमजोरी और बढ़ती लागत ने उद्योग की चिंता बढ़ाई
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 29 अगस्त :असम का चाय उद्योग इस समय कई मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर में सीटीसी चाय की औसत कीमत पिछले कुछ हफ्तों में तेज़ी से घटी है, जबकि दूसरी ओर बाढ़, अत्यधिक गर्मी और कीट प्रकोप ने उत्पादन पर गंभीर असर डाला है। उपलब्ध उद्योग आंकड़ों के अनुसार, सेल नंबर 26 में औसत कीमत 264.89 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो सेल नंबर 34 तक घटकर 221.57 रुपये रह गई। यानी दो महीने से भी कम समय में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
चाय बागान प्रबंधन और उद्योग संगठनों का कहना है कि यह सिर्फ बाज़ार की सामान्य उतार-चढ़ाव वाली स्थिति नहीं है। असम के कई चाय क्षेत्रों में बाढ़ का पानी घुसने से पत्तियों की तुड़ाई, खेत प्रबंधन और फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। जहां पानी लंबे समय तक जमा रहा, वहां पौधों की रिकवरी में समय लग सकता है। इससे आने वाले हफ्तों और महीनों में उत्पादन दबाव में रह सकता है।
टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने संकेत दिया है कि उत्तर भारत में जून तक उत्पादन बेहतर दिख रहा था, लेकिन जुलाई और अगस्त में हालात बदल गए। बागानों से मिले प्राथमिक आकलनों के अनुसार जुलाई में उत्पादन में करीब 8 प्रतिशत की कमी आई, जबकि अगस्त में भी लगभग इतनी ही गिरावट की आशंका है। इससे उत्तर भारत के कुल उत्पादन अनुमान पर असर पड़ सकता है।
उधर, निर्यात के मोर्चे पर भी तस्वीर बहुत उत्साहजनक नहीं है। 2026 की पहली छमाही में निर्यात में कमी दर्ज की गई है, जिससे उद्योग की आय पर अतिरिक्त दबाव बना है। गिरती नीलामी कीमतें, बढ़ती मजदूरी देनदारियां और बोनस भुगतान मिलकर चाय उद्योग की टिकाऊ क्षमता को चुनौती दे रहे हैं।