समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 सितंबर :राजधानी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक फाइव स्टार होटल में रविवार को उस वक्त हंगामा मच गया, जब हिंदू संगठनों ने यहां चल रही एक कथित मिशनरी सभा में 800 हिंदू पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के धर्मांतरण का आरोप लगाया। जानकारी के मुताबिक, होटल के आलीशान हॉल में सैकड़ों लोगों को मुफ्त सुविधाओं और लक्जरी ऑफर्स का लालच देकर ईसाई बनने के लिए फॉर्म भरवाए जा रहे थे। सभा में बाकायदा प्रेयर कराई जा रही थी और फॉर्म में धर्म परिवर्तन के बाद मिलने वाली सुविधाओं की पूरी लिस्ट थी।
होटल के ऊपर एक हिंदू संगठन की बैठक चल रही थी, तभी कार्यकर्ताओं को नीचे हॉल में हो रहे इस आयोजन की भनक लगी। इसके बाद हिंदू कार्यकर्ताओं ने हॉल में धावा बोल दिया, दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए और हंगामा शुरू हो गया। वहां मौजूद मिशनरी कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठन के लोगों के बीच जमकर धक्का-मुक्की, हाथापाई और गाली-गलौज हुई। देखते ही देखते होटल का शांत हॉल अखाड़ा बन गया।
विवाद बढ़ते ही हिंदू संगठनों ने होटल के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया और पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की जांच शुरू की। बाद में दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि यहां कोई धर्मांतरण नहीं हो रहा था, बल्कि साईं समुदाय के लोग अपनी नियमित प्रार्थना सभा के लिए एकत्र हुए थे। पुलिस ने यह भी बताया कि 500 लोगों के धर्मांतरण का दावा सही नहीं है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि नहीं मिली है।
हालांकि, हिंदू संगठनों ने पुलिस की सफाई को नकारते हुए आरोप लगाया कि यह सब एक सुनियोजित साजिश थी और मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और दिल्ली पुलिस पर दबाव बना रहे हैं कि असली मास्टरमाइंड को बेनकाब किया जाए।
यह घटना राजधानी में धर्मांतरण और धार्मिक असहिष्णुता की बहस को फिर से तेज कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।