विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी को मिला नोटिस
दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत कई वीवीआईपी की सूचियों में गड़बड़ी पाई गई, एस. जयशंकर का नाम भी शामिल।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को दिल्ली में चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस मिला है।
- उनके रिकॉर्ड को ‘अनमैप विद लास्ट एसआईआर’ (unmapped with last SIR) श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि वर्तमान रिकॉर्ड 2002 की मतदाता सूची से नहीं जुड़ पाए हैं।
- दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल डेटा सुधार की प्रक्रिया है और इससे किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22 सितंबर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के दायरे में कई बड़े और वीवीआईपी नाम आ चुके हैं। ताजा घटनाक्रम के तहत देश के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको एस. जयशंकर (Kyoko S. Jaishankar) को भी चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुंदर बाग / सुनेहरी बाग क्षेत्र की मतदाता प्रविष्टियों के सत्यापन के संबंध में भेजा गया है।
क्यों जारी किया गया है यह नोटिस?
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्री और उनकी पत्नी के नाम को ‘अनमैप विद लास्ट एसआईआर’ (Unmapped with Last SIR) श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब यह है कि वर्तमान पुनरीक्षण के दौरान भरे गए उनके फॉर्म और विवरणों को वर्ष 2002 में तैयार की गई पिछली गहन पुनरीक्षण सूची के डेटाबेस के साथ सीधे तौर पर जोड़ा या मिलान नहीं किया जा सका है। इस श्रेणी में केवल विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, सीबीआई निदेशक, पूर्व सेना प्रमुख और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां भी शामिल हैं, जिनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
निर्वाचन आयोग की स्पष्ट सफाई: घबराने की कोई बात नहीं
इस पूरी प्रक्रिया के सार्वजनिक होने के बाद से आम जनता के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी, जिस पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि इस तरह के सिस्टम-उत्पन्न (system-generated) नोटिस केवल डेटा को दुरुस्त और अपडेट करने के लिए ‘ECINET’ पोर्टल पर भेजे जा रहे हैं। नोटिस मिलने का यह कतई अर्थ नहीं है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। बिना किसी को अपनी बात रखने का अवसर दिए और उचित आदेश पारित किए बिना किसी का नाम नहीं काटा जा सकता।
दस्तावेज जमा करने की अंतिम प्रक्रिया
चुनाव आयोग के नियमानुसार, जिन भी मतदाताओं को इस तरह के नोटिस मिले हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष आवश्यक वैध दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने होंगे। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही अंतिम और अद्यतन मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि राजधानी की मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी हो।