समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 5 अक्टूबर : दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित हेट स्पीच मामलों में नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली सभी 15 याचिकाएं सोमवार को खारिज कर दीं। याचिकाओं में राजनीतिक नेताओं के कथित भाषणों की जांच के साथ-साथ मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) से कराने की मांग की गई थी।
नेताओं के खिलाफ FIR की मांग
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ राजनीतिक नेताओं के भाषणों ने फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से पहले माहौल को प्रभावित किया। कुछ याचिकाओं में भाजपा नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। वहीं, एक अन्य याचिका में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा तथा अन्य राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भी जांच की मांग की गई थी।
SIT जांच की मांग भी खारिज
याचिकाओं के एक हिस्से में 2019 के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित पुलिस लापरवाही की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई थी। इसके अलावा 2020 के दंगों के दौरान पुलिस की कथित निष्क्रियता और कर्तव्य में लापरवाही को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने इन मांगों को भी स्वीकार नहीं किया।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विवेक चौधरी और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने की। ये याचिकाएं वर्ष 2020 से लंबित थीं। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति फिलहाल उपलब्ध नहीं हुई है।
इस फैसले के साथ 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े कथित हेट स्पीच और पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में लंबित इन याचिकाओं पर कार्यवाही समाप्त हो गई है।