बजरंग दल का बयान: मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन का विरोध
बजरंग दल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नाम पर हो रहे अराजक प्रदर्शनों का कड़ा विरोध किया है और जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं के पहुंचने की खबरों को भ्रामक बताया है।
- बजरंग दल ने देश में किसी भी तरह के अराजक और भ्रामक प्रदर्शनों का हमेशा पुरजोर विरोध किया है।
- संगठन ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के जाने की कोई योजना नहीं है और यह केवल दुर्भावनापूर्ण प्रचार है।
- बजरंग दल का मानना है कि जनसमर्थन के अभाव में यह तथाकथित आंदोलन पिछली बार की तरह स्वतः ही समाप्त हो जाएगा।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 08 अक्तूबर: देश की राजधानी नई दिल्ली में हाल ही में राजनीतिक हलचल और प्रदर्शनों को लेकर एक नया बयान सामने आया है। दक्षिणपंथी संगठन बजरंग दल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner) श्री ज्ञानेश कुमार के नाम की आड़ में किए जा रहे कथित प्रदर्शनों और आयोजनों पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बजरंग दल देश में किसी भी प्रकार की अराजकता या अनुशासनहीनता फैलाने वाले प्रदर्शनों के हमेशा खिलाफ रहा है और आगे भी इसका विरोध करता रहेगा।
जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं के पहुंचने की खबरों का खंडन
हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ हलकों में ऐसी खबरें तैर रही थीं कि बजरंग दल के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर किसी विरोध प्रदर्शन या आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं। इन तमाम चर्चाओं पर विराम लगाते हुए संगठन ने आधिकारिक तौर पर खंडन किया है। बजरंग दल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जंतर-मंतर पर उनके कार्यकर्ताओं के पहुंचने या किसी योजनाबद्ध आंदोलन में शामिल होने जैसी कोई बात नहीं है। यह सब कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण अफवाहें मात्र हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
सार्वभौमिक समर्थन का अभाव और भविष्य
संगठन के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के तथाकथित आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को आम जनता का किसी भी प्रकार का समर्थन प्राप्त नहीं है। इतिहास गवाह है कि जनता के समर्थन के बिना शुरू किए गए ऐसे राजनीतिक एजेंडे और प्रदर्शन ज्यादा समय तक नहीं टिक पाते। बजरंग दल ने विश्वास जताया है कि पूर्व के कई आंदोलनों की तरह यह तथाकथित मुहिम भी बिना किसी ठोस परिणाम के अपने आप ही दम तोड़ देगी।
निर्वाचन आयोग और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान
बजरंग दल ने हमेशा देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग जैसी महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह के भ्रमित करने वाले अभियानों से देश के प्रशासनिक माहौल पर असर पड़ता है, जिसे लेकर संगठन ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। बजरंग दल ने आम जनता और अपने कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों पर ध्यान न दें और देश में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।