यूके में पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर जश्न
ब्रिटेन में भारतीय डायस्पोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया।
- पीएम मोदी के 25 साल: ब्रिटेन में प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया।
- हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजन: लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।
- वसुधैव कुटुंबकम की भावना: आयोजनों में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांतों और सांस्कृतिक एकता को रेखांकित किया गया।
समग्र समाचार सेवा
लंदन, 14 अक्तूबर: ब्रिटेन (UK) में बसे भारतीय समुदाय और डायस्पोरा संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर भव्य और उत्साहपूर्ण समारोहों की शुरुआत की है। लंदन से लेकर बकिंघमशायर और स्लो तक फैले भारतीय समुदाय के लोग इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के ढाई दशकों के सेवाभाव, समर्पण और जन-कल्याणकारी कार्यों को याद करना है, साथ ही ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बीच सांस्कृतिक एकता और भाईचारे की भावना को और अधिक मजबूत करना है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ सांस्कृतिक उत्सव
इन सभी सामुदायिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र बिंदु प्राचीन भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘संपूर्ण विश्व एक परिवार है’ की भावना रही है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि ये कार्यक्रम पूरी तरह से गैर-राजनीतिक (Non-political) प्रकृति के हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक सेवा, शांति, समावेशिता, साहस, खुशी और समृद्धि जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का जश्न मनाना है। ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों में होने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि कैसे सांस्कृतिक और सामुदायिक उत्सव समाज को बांटने के बजाय आपस में और अधिक मजबूती से जोड़ने का काम करते हैं।
हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भव्य शुरुआत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस राष्ट्रव्यापी उत्सव की शानदार शुरुआत 10 अक्टूबर को लंदन स्थित ऐतिहासिक ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ (House of Lords) से हुई। सरदार पटेल मेमोरियल सोसायटी के अध्यक्ष लॉर्ड राम रेंजर ने भारतीय समुदाय के चुनिंदा गणमान्य सदस्यों के लिए एक विशेष और अंतरंग मिलन समारोह की मेजबानी की। इस दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर, उनके दूरदर्शी नेतृत्व तथा देश-विदेश में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा पर विस्तार से चर्चा की।
समारोह में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। पारंपरिक असमिया और ओडिसी नृत्य प्रस्तुतियों के साथ-साथ एक शानदार वायलिन वादन ने उपस्थित सभी मेहमानों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में एक औपचारिक केक काटकर इस खास अवसर की खुशी साझा की गई। इस सभा ने समुदाय के सदस्यों को अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने, आपसी सम्मान बढ़ाने और समाज सेवा के महत्व पर विचार करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया।
आगे के कार्यक्रमों की रूपरेखा और Ruislip में होने वाला बड़ा आयोजन
लंदन के कार्यक्रम के बाद इस उत्सव का सिलसिला थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में ब्रिटेन के कई प्रमुख भारतीय संगठन, जिनमें आईडी यूके (ID UK), स्लो मित्रा मंडल (Slough Mitra Mandal) और बकिंघमशायर का श्री विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर शामिल हैं, 17 अक्टूबर 2026 को रुइस्लिप (Ruislip) में एक और बड़े सामुदायिक मिलन समारोह की तैयारी कर रहे हैं। इस आगामी आयोजन में विभिन्न पीढ़ियों, क्षेत्रों और संस्कृतियों के लोगों को एक सूत्र में पिरोने वाले मूल्यों को सेलिब्रेट किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन परिवारों, मित्रों और समुदायों को एक साथ मिलकर जश्न मनाने और सकारात्मकता फैलाने का अवसर देते हैं।
प्रवासी भारतीयों में उत्साह और भविष्य का संदेश
ब्रिटेन के भारतीय डायस्पोरा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का यह कार्यकाल देश और समाज के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। जिस प्रकार से उन्होंने आम नागरिकों के जीवन स्तर को उठाने और देश को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाई है, वह प्रेरणादायक है। ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों ने इन आयोजनों के माध्यम से अपनी मातृभूमि के साथ अपने गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव को एक बार फिर प्रदर्शित किया है।
यह उत्सव न केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा का जश्न है, बल्कि यह करुणा, समावेशिता और जनसेवा के प्रति एक नए संकल्प को भी बढ़ावा देता है। ब्रिटेन के विभिन्न शहरों में आयोजित हो रहे इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दुनिया के किसी भी कोने में बसने के बाद भी भारतीय संस्कृति और उसके उच्च आदर्श हर प्रवासी के दिल में हमेशा जीवित रहते हैं।