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केंद्र सरकार का विशेष अभियान 6.0 दो से 31 अक्टूबर तक जारी।
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लंबित शिकायतों, सरकारी पत्राचार और प्रशासनिक मामलों के निपटारे पर जोर।
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पुराने अभिलेखों के प्रबंधन तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्राथमिकता।
- मंत्रालयों के साथ क्षेत्रीय कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों को भी अभियान में शामिल किया गया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,15 अक्टूबर : केंद्र सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कार्यकुशलता बढ़ाने और लंबित मामलों के निपटारे के उद्देश्य से विशेष अभियान 6.0 प्रारंभ किया है। दो अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा।
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के समन्वय में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना भी है।
लंबित शिकायतों और फाइलों के निपटारे पर जोर
अभियान के अंतर्गत सांसदों, राज्य सरकारों और प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भों, संसदीय आश्वासनों तथा नागरिक शिकायतों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकारी कार्यालयों में अनेक मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित रहने से निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में समयबद्ध निस्तारण के लिए निर्धारित लक्ष्य प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन
इस वर्ष अभियान में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित निस्तारण को प्रमुख स्थान दिया गया है।
पुराने कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अनुपयोगी सामग्री के उचित निस्तारण से कार्यालयों में स्थान उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सुशासन की वास्तविक कसौटी
विशेष अभियान की सफलता का मूल्यांकन केवल निस्तारित फाइलों की संख्या से नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के वास्तविक समाधान से किया जाना चाहिए।
यदि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, निर्धारित समयसीमा और समाधान की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है, तो ऐसे अभियान प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बढ़ा सकते हैं।
निक सुधारों को गति देने की पहल
केंद्र सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कार्यकुशलता बढ़ाने और लंबित मामलों के निपटारे के उद्देश्य से विशेष अभियान 6.0 प्रारंभ किया है। दो अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा।
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के समन्वय में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों की स्वच्छता सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना भी है।
लंबित शिकायतों और फाइलों के निपटारे पर जोर
अभियान के अंतर्गत सांसदों, राज्य सरकारों और प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भों, संसदीय आश्वासनों तथा नागरिक शिकायतों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकारी कार्यालयों में अनेक मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित रहने से निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में समयबद्ध निस्तारण के लिए निर्धारित लक्ष्य प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम बन सकते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन
इस वर्ष अभियान में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित निस्तारण को प्रमुख स्थान दिया गया है।
पुराने कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अनुपयोगी सामग्री के उचित निस्तारण से कार्यालयों में स्थान उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सुशासन की वास्तविक कसौटी
विशेष अभियान की सफलता का मूल्यांकन केवल निस्तारित फाइलों की संख्या से नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के वास्तविक समाधान से किया जाना चाहिए।
यदि शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता, निर्धारित समयसीमा और समाधान की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है, तो ऐसे अभियान प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बढ़ा सकते हैं।