टाइगर श्रॉफ केस: आमिर और रणबीर के घर भी हुई थी रेकी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर थे कई सितारे, पुलिस पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, तीन और आरोपी गिरफ्तार।
- टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में तीन और नए आरोपी गिरफ्तार।
- शूटरों ने आमिर खान और रणबीर कपूर के घरों की भी रेकी की थी।
- सुरक्षा कड़ी होने के कारण टाइगर श्रॉफ को बनाया गया आसान निशाना।
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 22 अक्तूबर: मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के आवास के बाहर हुई फायरिंग के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन और नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस हाई-प्रोटिफ़ाइल केस में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों ने केवल टाइगर श्रॉफ ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के कई अन्य शीर्ष अभिनेताओं के घरों की भी रेकी की थी।
आमिर खान और रणबीर कपूर के घरों की भी हुई थी रेकी
मुंबई पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए शूटरों और उनके सहयोगियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि हरियाणा के सोनीपत से ताल्लुक रखने वाले दो 18 वर्षीय शूटर (फूल सिंह और रेहान अंसारी) ने वारदात को अंजाम देने से पहले मुंबई में करीब एक महीने तक रहकर विभिन्न इलाकों की रेकी की थी। इस दौरान उन्होंने सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास के अलावा अभिनेता आमिर खान के खार स्थित घर और रणबीर कपूर के आवास की भी गहन निगरानी की थी।
शूटरों ने पुलिस को बताया कि वे कई अन्य ए-लिस्ट सितारों के ठिकानों पर नजर रखे हुए थे, लेकिन अन्य सितारों के यहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी होने के कारण शूटर उस घेराबंदी को भेदने में नाकाम रहे। इसके विपरीत, टाइगर श्रॉफ के पास कड़े सुरक्षा कवच के अभाव और उनकी दिनचर्या को देखते हुए उन्हें इस गिरोह द्वारा आसान निशाना बना लिया गया।
कम सुरक्षा के चलते टाइगर श्रॉफ बने आसान टारगेट
पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों ने शुरुआत में अन्य बड़े सितारों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, जब उन्हें यह महसूस हुआ कि उन सितारों की सुरक्षा व्यवस्था को पार करना बेहद कठिन है, तब उन्होंने अपनी रणनीति बदली। 11 अक्टूबर को शूटर जुहू फुटबॉल ग्राउंड भी गए थे जहाँ टाइगर श्रॉफ अक्सर खेलने आते हैं। उस समय वे बिना हथियारों के थे।
गैंग के मुख्य संचालकों ने अंततः टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनकी गतिविधियों और सुरक्षा का दायरा अन्य दिग्गजों की तुलना में कम था। 18 अक्टूबर को जुहू में हुई इस फायरिंग की घटना ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि सेलिब्रिटीज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी से खुला नया नेटवर्क
बुधवार को मुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन और लोगों—समीर, जतिन और अंकित—को सोनीपत (हरियाणा) से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, समीर इस पूरी साजिश का सह-षड्यंत्रकारी है और वह बिश्नोई गैंग के प्रमुख गुर्गें अनिल पंडित के सीधे संपर्क में था। वहीं, जतिन ने कुणाल नाम के आरोपी के साथ मिलकर अमृतसर से हथियार एकत्र किए थे और उन्हें मुंबई तक पहुंचाने में मदद की थी।
हथियार तस्करों में दो महिलाओं (राधा वर्मा और बबीता राव) के नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने पिस्तौल को छिपाकर मुंबई तक पहुंचाया था और शूटरों को सौंपा था। जतिन ने ही मुंबई में शूटरों के ठहरने की व्यवस्था की और उन्हें वित्तीय सहायता भी प्रदान की थी। पुलिस इन सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ला रही है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
हथियारों की बरामदगी और आगे की जांच
पुलिस ने अभी तक इस मामले में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियार (पिस्तौल) और आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद नहीं किए हैं। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे सभी 10 आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की जाएगी, हथियारों की सप्लाई चेन और इस साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों से पर्दा उठेगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इस सनसनीखेज घटना के बाद से मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा गैंगस्टरों के इस तरह के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए विशेष खुफिया टीमें तैनात कर दी गई हैं।