24 अक्टूबर दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता और ऊर्जा रंग लाएगी। नए सौदों से व्यापार में बड़ा फायदा होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा, संबंध मधुर रहेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लाभ के योग हैं। सेहत अच्छी रहेगी, स्फूर्ति महसूस होगी। माता लक्ष्मी को गुलाबी फूल अर्पित करें।

🐂वृषभ
सहकर्मियों का सहयोग कार्य को आसान बनाएगा। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक फल मिलेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध और प्रगाढ़ होंगे। धन प्राप्ति के योग हैं, आर्थिक स्थिति सुधरेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, दिनचर्या ठीक रखें। छोटी कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई खिलाएं।

👫मिथुन
नई योजनाओं को शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। व्यावसायिक यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। परिवार में सुख और शांति बनी रहेगी। आय के नए रास्ते खुलेंगे, लाभ होगा। मानसिक रूप से काफी खुश रहेंगे। लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

🦀कर्क
अधिकारियों से प्रोत्साहन और सम्मान मिलेगा। व्यापार में विस्तार होगा, नए आर्डर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में सौहार्द और खुशहाली रहेगी। फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, ताजगी बनी रहेगी। शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।

🐅सिंह
निर्णय क्षमता से दफ्तर में सराहना मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी, मुनाफा बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में नयापन और आकर्षण रहेगा। आर्थिक मामलों में लाभ होने के संकेत हैं। सेहत बहुत अच्छी रहेगी, ऊर्जावान रहेंगे। देवी दुर्गा को लाल चुनरी अर्पित करें।

🙎‍♀️कन्या
दफ्तर में अपने काम पर एकाग्रता बनाए रखें। लेन-देन में सतर्कता बरतें, नुकसान से बचें। अपनों के साथ बातचीत में संयम रखें। बजट के अनुसार ही खर्च करें। खान-पान का ध्यान रखें, सेहत का ख्याल रखें। गाय को हरी घास खिलाएं।

⚖️तुला
पदोन्नति या नए अधिकार मिलने के योग हैं। साझेदारी के काम में बहुत फायदा होगा। दांपत्य जीवन में मधुरता और प्यार रहेगा। धन आगमन का मार्ग सुगम होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, प्रसन्नता रहेगी। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

🦂वृश्चिक
मेहनत का उचित परिणाम कार्यस्थल पर मिलेगा। व्यापार में नए प्रयोगों से बड़ा लाभ होगा। परिवार के साथ खुशनुमा पल व्यतीत होंगे। अचानक धन लाभ होने के योग हैं। स्वास्थ्य सामान्य और बेहतर बना रहेगा। लक्ष्मी जी को लाल पुष्प अर्पित करें।

🏹धनु
बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी, नाम होगा। नए सौदे व्यापारिक स्थिति मजबूत करेंगे। संतान पक्ष से शुभ संदेश प्राप्त होगा। धन संचय के प्रयास सफल रहेंगे। मानसिक स्फूर्ति बनी रहेगी। लक्ष्मी जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं।

🐊मकर
कार्यक्षेत्र में धैर्य से काम लें, तरक्की मिलेगी। व्यावसायिक लिखा-पढ़ी में स्पष्टता रखें। परिवार में पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। फालतू खर्चों पर रोक लगाने से राहत मिलेगी। विश्राम करें, थकावट महसूस हो सकती है। सफेद मिठाई का दान किसी मंदिर में करें।

🍯कुंभ
नई कार्यशैली से दफ्तर में प्रशंसा मिलेगी। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा। दोस्तों के साथ संबंध और मजबूत होंगे। वित्तीय लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, फुर्ती बनी रहेगी। जरूरतमंद महिला को वस्त्र का दान करें।

🐟मीन
कार्यस्थल पर आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ेंगे, बिक्री बढ़ेगी। मांगलिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। धन प्राप्ति के कई मार्ग खुलेंगे। मानसिक शांति मिलेगी, सेहत अच्छी रहेगी। लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और खीर चढ़ाएं।

दिनाँक:-24/10/2026,शनिवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,
आश्विन
“”””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि—— त्रयोदशी 11:56:10. तक
पक्ष———————– शुक्ल
नक्षत्र–उत्तराभाद्रपद 20:31:08
योग——– व्याघात 20:00:11
करण——— तैतुल 13:36:10
करण———— गर 24:50:33
वार——————— शनिवार
माह——————— आश्विन
चन्द्र राशि——————- मीन
सूर्य राशि——————- तुला
रितु———————— हेमंत
आयन—————- दक्षिणायन
संवत्सर—————– पराभव
संवत्सर (उत्तर)—————– रौद्र
विक्रम संवत————- 2083
गुजराती संवत———— 2082
शक संवत—————- 1948
कलि संवत————— 5127

वृन्दावन
सूर्योदय————- 06:25:35
दिन काल———– 11:15:11
चंद्रोदय————– 16:20:20
सूर्यास्त————– 17:40:46
रात्री काल———– 12:45:26
चंद्रास्त————– 29:19:22

लग्न—-तुला 6°24′, 186°24′

सूर्य नक्षत्र—————— चित्रा
चन्द्र नक्षत्र——— उत्तराभाद्रपद
नक्षत्र पाया—————– ताम्र

🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩

थ—- उत्तराभाद्रपद 08:51:55

झ—- उत्तराभाद्रपद 14:42:48

ञ—- उत्तराभाद्रपद 20:31:08

दे—- रेवती 26:17:00

💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= तुला 06°30 , चित्रा 4 री
चन्द्र= कुम्भ 08°30 , ,उoभाo 2 थ
बुध = तुला 26°52 ‘ विशाखा 3 ते
शु क्र= तुला 06°05, चित्रा 4 री
मंगल= कर्क 20°17 आश्लेषा 1 डी
गुरु= कर्क 29°33 आश्लेषा , 4 डो
शनि=मीन 15°10 ‘ उoभाo , 4 ञ
राहू=(व) कुम्भ 02°20 धनिष्ठा , 3 गु
केतु= (व) सिंह 02°20 मघा 1 मा
============================

🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩

राहू काल 09:14 – 10:39 अशुभ
यम घंटा 13:28 – 14:52 अशुभ
गुली काल 06:26 – 07:50 अशुभ
अभिजित 11:41 – 12:26 शुभ
दूर मुहूर्त 07:56 – 08:41 अशुभ
वर्ज्यम 06:26 – 07:59 अशुभ
प्रदोष 17:41 – 20:16. शुभ

🚩गंड मूल 20:31 – अहोरात्र अशुभ

💮पंचक 4 अहोरात्र अशुभ

🚩ब्रह्म मुहूर्त 28:44* – 29:35* शुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 06:26 07:50 अशुभ
शुभ 07:50 – 09:14 शुभ
रोग 09:14 – 10:39 अशुभ
उद्वेग 10:39 – 12:03 अशुभ
चर 12:03 – 13:28 शुभ
लाभ 13:28 – 14:52 शुभ
अमृत 14:52 – 16:16 शुभ
काल 16:16 17:41 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 17:41 19:16 शुभ
उद्वेग 19:16 – 20:52 अशुभ
शुभ 20:52 – 22:28 शुभ
अमृत 22:28 – 24:04* शुभ
चर 24:04* – 25:39* शुभ
रोग 25:39* – 27:15* अशुभ
काल 27:15* – 28:51* अशुभ
लाभ 28:51* – 30:26* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 06:26- 07:22
बृहस्पति 07:22- 08:18
मंगल 08:18- 09:14
सूर्य 09:14 -10:11
शुक्र 10:11- 11:07
बुध 11:07- 12:03
चन्द्र 12:03- 12:59
शनि 12:59- 13:56
बृहस्पति 13:56- 14:52
मंगल 14:52- 15:48
सूर्य15:48 -16:45
शुक्र 16:45 -17:41

🚩होरा, रात

बुध 17:41- 18:45
चन्द्र 18:45 -19:48
शनि19:48 -20:52
बृहस्पति 20:52- 21:56
मंगल 21:56 -22:59
सूर्य 22:59- 24:04
शुक्र 24:04-25:07
बुध 25:07-26:11
चन्द्र 26:11-27:15
शनि27:15-28:19
बृहस्पति 28:19-29:22
मंगल29:22-30:26

🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩

तुला > 06:08 से 08:16 तक
वृश्चिक > 08:16 से 10:44 तक
धनु > 10:44 से 12:36 तक
मकर > 12:36 से 14:30 तक
कुम्भ > 14:30 से 16:06 तक
मीन > 16:06 से 18:02 तक
मेष > 18:02 से 18:10 तक
वृषभ > 18:10 से 21:02 तक
मिथुन > 21:02 से 23:14 तक
कर्क > 23:14 से 01:28 तक
सिंह > 01:28 से 03:48 तक
कन्या > 03:48 से 06:08 तक
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🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।
महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त,
राहुणां नित्यनैमित्यके कार्ये,
अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

13 + 7 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

💮 शिव वास,फल एवं परिहार -:

श्रावणेऽधिकमासे च आर्द्रायाञ्च गते रवी।
शिवभेन्दुगते योगे, शुक्ले च व्यतिपातके ।।
हरानङ्गहरीणाञ्च तिथिषु करणे चतुष्पदे ।
सोमवारे शुभे ब्राह्मे प्रदोषाख्येऽभिजित्क्षणे ।।
शिवरात्र्यादि पर्वेषु उत्सवेषु निमित्तके ।
नित्याराधनकाले च शिववासं न चिन्तयेत् ।।

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष

वृषाभारूढ = शुभ कारक

🚩भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮

*आडल योग

💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮

त्यजेध्दर्म दयाहीनं विद्याहीनं गुरुं त्यजेत् ।
त्यजेत्क्रोधमुखीं भार्यान्निः स्नेहानबंधवांस्त्यजेत् ।।
।।चाoनीo।।

जिस व्यक्ति के पास धर्म और दया नहीं है उसे दूर करो. जिस गुरु के पास अध्यात्मिक ज्ञान नहीं है उसे दूर करो. जिस पत्नी के चेहरे पर हरदम घृणा है उसे दूर करो. जिन रिश्तेदारों के पास प्रेम नहीं उन्हें दूर करो.

🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩

गीता -: विश्वरूपदर्शन योग अo-11

मया प्रसन्नेन तवार्जुनेदंरूपं
परं दर्शितमात्मयोगात्‌।
तेजोमयं विश्वमनन्तमाद्यं
यन्मे त्वदन्येन न दृष्टपूर्वम्‌॥

श्री भगवान बोले- हे अर्जुन! अनुग्रहपूर्वक मैंने अपनी योगशक्ति के प्रभाव से यह मेरे परम तेजोमय, सबका आदि और सीमारहित विराट् रूप तुझको दिखाया है, जिसे तेरे अतिरिक्त दूसरे किसी ने पहले नहीं देखा था
॥47॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————————-
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे

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