महिला कांस्टेबल से आईपीएल चयन के नाम पर 40 लाख की ठगी
खुद को रणजी खिलाड़ी बताने वाले शातिर ठग ने हरियाणा पुलिस की महिला कांस्टेबल को दिया आईपीएल में सेलेक्शन का झांसा, आरोपी गिरफ्तार।
- आईपीएल में चयन का झांसा देकर महिला कांस्टेबल से 40 लाख की ठगी।
- आरोपी विक्रांत तोमर ने खुद को रणजी क्रिकेटर बताकर फंसाया था जाल में।
- दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले का हुआ खुलासा।
समग्र समाचार सेवा
नारनौल, 30 अक्टूबर: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित टी20 लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलने का सपना भला किस युवा खिलाड़ी को नहीं होता? लेकिन कई बार भोले-भाले और प्रतिभावान खिलाड़ी शातिर ठगों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं। हरियाणा के नारनौल में तैनात एक महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ कुछ ऐसा ही बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खुद भी क्रिकेट की शौकीन और खिलाड़ी रह चुकी इस महिला कांस्टेबल को आईपीएल में सीधा चयन कराने का झांसा देकर 40 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली गई।
इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके बाद से खेल और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सोशल मीडिया और सहवाग एकेडमी से शुरू हुई थी जान पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कांस्टेबल वर्तमान में हरियाणा के नारनौल जिले में पुलिस बल में अपनी सेवाएं दे रही है। महिला कांस्टेबल पहले क्रिकेट खेलती थी और अभ्यास के सिलसिले में अपनी बहन के साथ झज्जर स्थित पूर्व भारतीय विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग की क्रिकेट अकादमी में जाया करती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात विक्रांत तोमर नामक एक युवक से हुई।
आरोपी विक्रांत तोमर ने खुद को दिल्ली रणजी टीम का एक प्रमुख खिलाड़ी और क्रिकेट जगत से जुड़ा बड़ा चेहरा बताया। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी गाड़ियों के साथ तस्वीरें डालकर महिला का विश्वास जीत लिया। मई 2021 से शुरू हुई यह बातचीत धीरे-धीरे सोशल मीडिया चैट और व्हाट्सएप पर गहरी होती चली गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने महिला को अपने जाल में फंसा लिया।
आईपीएल में चयन के नाम पर ऐंठे 40 लाख रुपये
शिकायतकर्ता महिला कांस्टेबल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी विक्रांत ने उसके क्रिकेट कौशल की तारीफ करते हुए उसे आईपीएल (IPL) में आसानी से सिलेक्ट करवा देने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने दावा किया कि उसके उच्च स्तर के संपर्क हैं और इसके लिए उसे शुरुआती खर्च के तौर पर 60 लाख रुपये की आवश्यकता होगी।
जब महिला कांस्टेबल ने इतनी बड़ी रकम एकमुश्त देने में असमर्थता जताई, तो शातिर ठग ने अपने मामा ‘संजीव’ का हवाला दिया और भरोसा दिलाया कि यह निवेश केवल एक हफ्ते के लिए है, जिसके बाद पूरी रकम ब्याज सहित वापस लौटा दी जाएगी। महिला ने आरोपी के झांसे में आकर अपनी बहन से उधार लेकर और बैंक खातों के जरिए किश्तों में कुल 40 लाख रुपये उसे ट्रांसफर कर दिए।
रकम मांगने पर दी नौकरी से हटवाने की धमकी
तय समय सीमा बीत जाने के बाद जब महिला कांस्टेबल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी के तेवर पूरी तरह बदल गए। आरोपी ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और जब पीड़िता ने दबाव बनाया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने तथा पुलिस की नौकरी से बर्खास्त करवा देने की धमकियां तक दी जाने लगीं।
परेशान होकर महिला ने मामले की शिकायत साइबर सेल और संबंधित पुलिस थानों में दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि इसी आरोपी विक्रांत तोमर (उर्फ विक्की) को दिल्ली पुलिस ने एक अन्य महिला से 24 लाख रुपये की ठगी के मामले में पहले ही गिरफ्तार किया था। दिल्ली में उसकी गिरफ्तारी के बाद नारनौल की महिला कांस्टेबल के साथ हुए 40 लाख रुपये के इस बड़े फर्जीवाड़े का भी पर्दाफाश हो गया।
पुलिस जांच और अन्य संभावित शिकार
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस शातिर ठग ने देश भर में और कितने उभरते हुए खिलाड़ियों या अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है। प्रारंभिक जांच में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपी ने इसी तरह के फर्जी वादों के जरिए कई अन्य महिला खिलाड़ियों और लोगों को ठगा है। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है।
निष्कर्ष
यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सोशल मीडिया पर चमक-धमक और रसूख दिखाने वाले हर शख्स पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। करियर की उंचाइयों पर पहुंचने के शॉर्टकट के चक्कर में अक्सर लोग ठगी का शिकार बन जाते हैं, जिससे यह मामला युवाओं के लिए एक बड़ा सबक भी है।