एसआईआर विवाद पर अमित शाह की राहुल गांधी को खुली चुनौती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संसद के भीतर आमने-सामने बहस करने की दी चुनौती, विशेष सत्र बुलाने की भी पेशकश।
- अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में बहस करने की दी खुली चुनौती।
- सरकार एसआईआर (SIR) पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने को तैयार।
- शाह ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप।
समग्र समाचार सेवा
कुरुक्षेत्र/नई दिल्ली, 05 नवंबर: देश की राजनीति में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। इस बीच, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक खुली और सीधी चुनौती दी है। हरियाणा के करनाल में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि राहुल गांधी में दम है, तो वे सड़क पर राजनीतिक तमाशा करने के बजाय संसद के भीतर आएं और हर सवाल का सामना करें।
अमित शाह ने यह भी घोषणा की कि यदि कांग्रेस पार्टी आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध करती है, तो सरकार एसआईआर (SIR) और इससे जुड़े तमाम मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को पूरी तरह तैयार है।
संसद है बहस का सर्वोच्च मंच, सड़क पर राजनीति करने का आरोप
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुले मंच या सार्वजनिक डिबेट की चुनौती दिए जाने के बाद से भाजपा लगातार हमलावर रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद का सबसे पवित्र और सर्वोच्च मंच संसद (Parliament) है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित करती है, गंभीर विधायी मुद्दों पर चर्चा से भागती है और सदन में व्यवधान डालना तथा वॉकआउट करना उनकी राजनीतिक संस्कृति बन चुकी है। शाह ने ललकारते हुए कहा, “मैं राहुल गांधी को सीधे तौर पर चुनौती देता हूं। यदि आपके तर्कों में सच्चाई और दम है, तो संसद के भीतर आइए और आमने-सामने बहस कीजिए। लेकिन आप जवाबों का सामना नहीं कर पाएंगे और हमेशा की तरह भाग खड़े होंगे।”
एसआईआर (SIR) और चुनावी हार पर तीखा तंज
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने विपक्ष द्वारा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (SIR) को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर भी करारा जवाब दिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष से सवाल किया कि जब देश के विभिन्न राज्यों में पहले चुनाव हुए थे, तब तो एसआईआर या ऐसी प्रक्रियाएं नहीं थीं, फिर भी कांग्रेस को क्यों हार का सामना करना पड़ा था?
गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर नहीं होने देगी और चुनाव आयोग (Election Commission) तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर झूठे आरोप लगाने वालों को राजनीतिक और वैधानिक मंचों पर कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और संगठन पूरी मजबूती के साथ देश की जनता के सामने सच लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
निष्कर्ष
एसआईआर विवाद के बीच गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए इस बयान और खुली चुनौती ने राष्ट्रीय राजनीति का पारा एक बार फिर चढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में संसद के संभावित विशेष सत्र या आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।