धर्मान्तरण मामलें में विदेशी फंडिंग की जड़ें खंगालने में लगी वडोदरा पुलिस, रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी उमर गौतम और सलाहुद्दीन
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19अक्टूबर। देश भर में अवैध धर्मान्तरण के मामलें लगातार बढ़ रहे है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि धर्मांतरण के लिए सिंडिकेट को मिल रहे विदेशी फंड कहां से हो रही है…हालांकि इसकी जांच के लिए लगातार सुरक्षा एजेंसियां काम कर रही है। यूपी एटीएस की लंबी पूछताछ के बाद अब गुजरात पुलिस तहकीकात कर रही है। इसके लिए रविवार को वडोदरा क्राइम ब्रांच की टीम मुख्य आरोपी उमर गौतम और सलाहुद्दीन को रिमांड पर लिया है।
बता दें कि इस मामलें में उमर गौतम को 20 जून को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उसे रिमांड पर लेकर हुई लम्बी पूछताछ में वडोदरा के सलाहुद्दीन का नाम सामने आया था। एटीएस उसे वडोदरा पुलिस की मदद से गिरफ्तार करके लायी थी। जांच में पता चला कि सलाहुद्दीन की संस्था अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम्स ऑफ इंडियन ओरिजिन (AFMI)को धर्मान्तरण के लिए विदेशों से फंड मिल रहे है।
सलाहुद्दीन अपनी संस्था के खातों में और हवाला के जरिये मोटा फंड मंगवाकर उमर गौतम की संस्था इस्लामिक दावा सेंटर को देता है। एटीएस को 57 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन मिला जिसका सलाहुद्दीन के पास कोई ब्यौरा नही था। इतना ही नही इसी पैसे को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के शाहीनबाग में हिंसा भड़काने के आरोपियों को छुड़ाने में भी प्रयोग किया गया था।
हैरानी वाली बात यह है कि सलाहुद्दीन अपनी संस्था को माध्यम बनाकर राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब और कई राज्यों के गरीबों की शिक्षा, चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने की आड़ में यह फंड जुटाता था। वडोदरा क्राइम ब्रांच की टीम इनकी तह तक जाने के लिए सोमवार को दोनों आरोपियों को राजस्थान और मध्यप्रदेश लेकर जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि यहाँ से इनके सिंडिकेट से जुड़े और आरोपी पकड़े जा सकते हैं।