बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई आठवीं फ्लाइट

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समग्र समाचार सेवा

मास्को1 मार्च। यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई मंगलवार को छठे दिन भी जारी है। रूस और यूक्रेन के बीच हालात को हल करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें भी की जा रही हैं। आपरेशन गंगा के तहत भारतीय छात्रों को लेकर आठवीं फ्लाइट बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। भारतीय छात्रों ने बताया कि हम यूक्रेन से हंगरी निकालने के लिए भारतीय दूतावास और सरकार को धन्यवाद देना चाहते हैं। वे हमें सुरक्षित घर वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि 216 भारतीय नागरिकों के साथ 8वीं उड़ान हंगरी के बुडापेस्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गई है।

यूएनएचआरसी की आपात बैठक से भारत का किनारा

यूक्रेन संकट पर यूनाइटेड नेशन ह्यूमन राइट्स काउंसिल (यूएनएचआरसी) ने अपात बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के पक्ष में 29 और विपक्ष में 5 वोट पड़े। भारत समेत 13 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया। यूएनएचआरसी  में कुल 47 सदस्य हैं। हालांकि, युद्ध के बीच पहली बार सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों ने बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। वहीं, रूस ने ब्रिटेन और जर्मनी सहित 36 देशों की एयरलाइनों की उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

अमेरिका ने लिया रूसी डिप्लोमेट्स के खिलाफ बड़ा एक्शन

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजनयिक मिशन के 12 सदस्यों को संयुक्त राज्य अमेरिका ने निष्कासित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस बात की जानकारी दी है।

भारतीय छात्रों के लिए बनाए गए अस्थायी शिविर

यूक्रेन में बिगड़ते हालात के बीच रोमानिया में साइरेट सीमा पर भारतीय छात्रों के लिए अस्थायी शिविरों को स्थापित किया गया है। वहीं यूरोपीय संघ ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता, कुलीन वर्ग और पत्रकार पर प्रतिबंध लगा दिया है।

झूठ का साम्राज्य‘ है पश्चिमप्रतिबंधों के बाद पुतिन का आरोप

यूएनजीए के 11वें आपातकालीन सत्र में यूक्रेन पर यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भारत की सतत स्थिति रही है। भारत सरकार का मानना है कि कूटनीति के रास्ते पर लौटने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति का बयान

यूएनजीए के 11वें आपातकालीन सत्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा भारत यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की तत्काल निकासी के प्रयास करने के लिए जो कुछ भी कर सकता है वह कर रहा है। इस महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकता को तुरंत संबोधित किया जाना चाहिए। मैं यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने हमारे नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं खोली और कर्मियों को सुविधाएं दी। हम अपने पड़ोसी और विकासशील देशों के फंसे लोगों की मदद के लिए तैयार हैं।

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