राहुल ने सीबीएसई  को ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंग एजुकेशन’ बताया, संघ पर भी साधा निशाना

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समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 25 अप्रैल। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सप्रेसिंग एजुकेशन‘ बताया है। उनकी यह टिप्पणी सीबीएसई की ओर से कक्षा 10 और 12 के इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस से कई चैप्टर्स हटाने के बाद आई है। उन्होंने सिलेबस में बदलाव को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएसपर भी निशाना साधा और इसे राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर‘ करार दिया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर साधा निशाना

राहुल गांधी ने आज ट्वीट करके राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर‘ लिखा। उन्होंने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें एक श्रेडिंग मसीन लोकतंत्र-विविधताकृषि पर वैश्वीकरण के प्रभावगुटनिरपेक्ष आंदोलनमुगल दरबारऔद्योगिक क्रांतिफैज की कवितारोजगारसाम्प्रदायिक सौहार्द और संस्थाओं की आजादी जैसे मुद्दों को काटती दिख रही है।

सीबीएसई ने अपने  सिलेबस में बड़ा बदलाव किया

दरअसलसीबीएसई ने सत्र 2022-23 के लिए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने कक्षा 11 और 12 के इतिहासराजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से गुटनिरपेक्ष आंदोलनशीतयुद्ध के दौरअफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्य के उदयमुगल दरबारों के इतिहास और औद्योगिक क्रांति से संबंधित अध्याय हटा दिए हैं।

 

कक्षा 10 के पाठ्यक्रम में अब यह नहीं पढ़ पाएंगे विद्यार्थी

इसी तरहकक्षा 10 के पाठ्यक्रम में खाद्य सुरक्षा से संबंधित अध्याय से कृषि पर वैश्वीकरण का प्रभाव‘ विषय को हटा दिया गया है। इसके साथ ही धर्मसांप्रदायिकता और राजनीति-सांप्रदायिकता धर्मनिरपेक्ष राज्य‘ खंड से फैज अहमद फैज की दो उर्दू कविताओं के अनुवादित अंश को भी इस साल बाहर कर दिया गया है। सीबीएसई ने पाठ्यक्रम सामग्री से लोकतंत्र और विविधता‘ संबंधी अध्याय भी हटा दिए हैं।

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