बांग्लादेश चौराहे पर खड़ा है: सत्ता, सड़कों और साजिशों के बीच एक राष्ट्र
पूनम शर्मा
क्या इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है?
बांग्लादेश एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहाँ से उसके सामने केवल दो रास्ते हैं—या तो लोकतंत्र की ओर वापसी, या फिर अराजकता और हिंसा के उस चक्र में फिसलना, जिसे वह पहले भी झेल…