चंद्रबाबू नायडू और नरेंद्र मोदी : रिश्तों पर प्रोपेगेंडा की परतें
पूनम शर्मा
भारतीय राजनीति में अक्सर यह देखा जाता है कि पुरानी घटनाओं और बयानों को नए संदर्भ में प्रस्तुत कर माहौल बनाने की कोशिश की जाती है। कई बार यह प्रक्रिया इतनी बार दोहराई जाती है कि मूल सच्चाई धुंधली पड़ जाती है और केवल प्रचार का असर…
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