वैश्विक शासन: बदलती दुनिया में शक्ति, सहयोग और भविष्य की तलाश
पूनम शर्मा
इक्कीसवीं सदी का विश्व ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ पुराने नियम तेजी से अप्रासंगिक होते जा रहे हैं और नए नियम अभी पूरी तरह बने नहीं हैं। इस अस्थिर अंतराल में “वैश्विक शासन” केवल एक कूटनीतिक शब्द नहीं रहा, बल्कि यह सवाल बन गया है…
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