किले में दरार: बंगाल के ‘भद्रलोक’ और गाँव अब टीएमसी के खिलाफ क्यों?
पूनम शर्मा
पश्चिम बंगाल की राजनीति दशकों से एक अनोखे सामाजिक अनुबंध पर टिकी रही है। यहाँ सरकार से समृद्धि की उम्मीद कम, लेकिन "साथ खड़े होने" (पाशे दाड़ानो) की उम्मीद ज्यादा की जाती थी। वामपंथियों से विरासत में मिली यह संस्कृति ममता बनर्जी…
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