भारत के भीतर वैचारिक हस्तक्षेप का खतरा
पूनम शर्मा
भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा लंबे समय तक सीमाओं, युद्ध, आतंकवाद और सैन्य शक्ति के संदर्भ में होती रही है। लेकिन 21वीं सदी में संघर्ष का स्वरूप बदल रहा है। अब किसी राष्ट्र को कमजोर करने के लिए हमेशा टैंक, मिसाइल या सैनिक…
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