यूरोप का जनसांख्यिकीय चौराहा: जब प्रवासन केवल आव्रजन का प्रश्न नहीं रह जाता
सुबोध मिश्रा
यूरोप आज ऐसे जनसांख्यिकीय मोड़ पर खड़ा है, जिसे केवल आव्रजन नियंत्रण की समस्या मानकर टाला नहीं जा सकता। असली चुनौती तीन समानांतर प्रवृत्तियों के मिलन से पैदा हो रही है—लगातार जारी प्रवासन, यूरोपीय आबादी की अत्यंत निम्न…
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