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आर्थिक राष्ट्रवाद

भारत: अब विकल्प नहीं, प्राथमिकता

पूनम शर्मा दशकों तक भारत के सबसे होशियार, सबसे प्रतिभाशाली युवा अपनी मातृभूमि को पीछे छोड़ते रहे। अमेरिका जाने का सपना था — बेहतर जीवन, उच्च वेतन, अत्याधुनिक रिसर्च लैब और ग्लोबल पहचान। लाखों भारतीय छात्र और पेशेवर अमेरिका की ओर निकल पड़े,…
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मोदी का ‘स्वदेशी’ आह्वान: आर्थिक राष्ट्रवाद की नई परिभाषा

पूनम शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा शब्द दोहराया जो लंबे समय से उनकी आर्थिक भाषाशैली में अनुपस्थित था — "स्वदेशी"। यह कोई सामान्य भाषण नहीं था। न 'आत्मनिर्भर भारत', न 'मेक इन इंडिया', न 'वोकल फॉर लोकल'—बल्कि सीधा गांधी युग का…
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