जन जन की भाषा हिंदी
✍🏻 पार्थसारथि थपलियाल
हिंदी भारत की भाषा है,
जन-जन के मन की आशा है।
माटी की महक, संस्कृति की धारा,
भारत की यह अभिलाषा है।
गंगा-सी निर्मल, सरिता-सी पावन,
हर हृदय में इसका वास रहे।
शब्द-शब्द में अपनापन झलके,
हर अधर पर…
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