समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7नवंबर।
भारत के भू-पर्यवेक्षण उपग्रह ईओएस-01 (EOS01) व नौ अन्य उपग्रहों के साथ भारतीय रॉकेट, पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-सी 49 ने श्रीहरिकोटा से सफल उड़ान भरी. यह देश के रडार इमेजिंग उपग्रह और नौ अन्य विदेशी उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा. यह प्रक्षेपण 2020 में भारत से इसरो के लिए पहला अंतरिक्ष मिशन है।
This mission is very special and unusual for ISRO. The space activity cannot be done from 'work from home'. Each engineer has to be present at the lab. When talking about missions like these, each technician, employee has to work together: ISRO Chief K Sivan
(file pic) https://t.co/w827il7fJJ pic.twitter.com/JcB29msDxb— ANI (@ANI) November 7, 2020
इस ऐतिहासिक मौके पर इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा, “यह मिशन इसरो के लिए बहुत खास और असामान्य है। स्पेस एक्टिविटी ‘वर्क फ्रॉम होम’ से नहीं की जा सकती। प्रत्येक इंजीनियर को लैब में उपस्थित होना होता है। जब इस तरह के मिशनों के बारे में बात की जाती है, तो इसका मतलब है कि प्रत्येक तकनीशियन, कर्मचारी को एक साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा, “इस महामारी के दौरान, टीम ISRO ने इसका लाभ उठाया, क्वालिटी पर समझौता किए बिना, COVID दिशानिर्देशों के अनुसार काम किया। इसरो के सभी कर्मचारियों को इस समय क्वालिटी वर्क करते देखना वास्तव में खुशी की बात है।
लॉन्च के कुछ मिनट बाद इसरो ने बताया कि सभी नौ ग्राहक उपग्रह सफलतापूर्वक अपनी-अपनी कक्षा में अलग हो गए और उन्हें सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया।
इससे पहले 17 जनवरी, 2020 को, भारत के दूरसंचार उपग्रह 3,357 किलोग्राम वजनी जीसैट-30 को (इनसैट-4ए का प्रतिस्थापन) एरियन रॉकेट द्वारा फ्रेंच गुयाना में कौरो लॉन्च बेस से एक जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था. इस बार, इसरो पीएसएलवी रॉकेट के डीएल वैरिएंट का इस्तेमाल कर रहा है जिसमें दो स्ट्रैप-ऑन बूस्टर मोटर्स होंगे।