90 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी जिंदगी की जंग हार गया बोरवेल में मासुम

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समग्र समाचार सेवा
भोपाल, 8नवंबर।
मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में बोरवेल में गिरे मासुम प्रहलाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। लगभग 90 घंटे तक चलाए गए राहत और बचाव कार्य के बाद बच्चे को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रहलाद के निधन पर शोक जताया है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि मुझे अत्यंत दुःख है कि निवाड़ी के सैतपुरा गांव में अपने खेत के बोरवेल में गिरे मासूम प्रहलाद को 90 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचा नहीं पाए। एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़ और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने दिन-रात मेहनत की लेकिन अंत में आज सुबह 3:00 बजे बेटे का मृत शरीर निकाला गया।

उन्होंने कहा, ‘दुःख की इस घड़ी में, मैं एवं पूरा प्रदेश प्रहलाद के परिवार के साथ खड़ा है और मासूम बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है. सरकार द्वारा प्रहलाद के परिवार को 5 लाख का मुआवजा दिया जा रहा है एवं उनके खेत में एक नया बोरवेल भी बनाया जाएगा.’ चौहान ने कहा, ‘मैं उन सभी से करबद्ध प्रार्थना करता हूं कि जो भी अपने यहां बोरवेल बना रहे हैं, वो बोर को किसी भी समय खुला न छोड़ें। पहले भी ऐसे बहुत से मासूम अपने जीवन गंवा चुके हैं, आप सब भी कहीं अगर अपने आसपास बोरवेल बना रहे हों तो उसे मज़बूती से ढंकने का प्रबंध करें और करवायें।

इस बीच, निवाड़ी के जिलाधिकारी आशीष भार्गव ने बताया कि बोरवेल में फंसे पांच साल के मासूम प्रहलाद को बाहर निकालने का अभियान रविवार तड़के लगभग तीन बजे पूरा हुआ. उन्होंने कहा कि प्रहलाद को निकालकर सीधे निवाड़ी जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. भार्गव ने बताया कि चिकित्सक ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया है कि बच्चे की मौत करीब तीन दिन पहले ही हो गई थी।

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