जो असहमति जताता है उसे देशद्रोही कहती है केंद्र सरकारः सुखबीर बादल

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समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़.12 दिसम्बर।

नए कृषि कानूनों को लेकर एकतऱफ किसानों और सरकार में टकराव बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी तरफ सियासी हमले भी जारी हैं। आज शिरोमणि अकाली दल प्रमुख प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि जो भी सरकार से असहमत होता है, उसे देशद्रोही कहा जाता है। बादल ने कहा, ”बड़े दुख की बात है कि केंद्र सरकार किसानों के संघर्ष को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। जो भी केंद्र सरकार के साथ सहमत नहीं है, उसे सरकार देशद्रोही कहती है। मैं केंद्र को कहना चाहता हूं कि जो किसान बैठे हैं इनका किसी धर्म के साथ संबंध नहीं है, ये अन्नदाता हैं।”

बादल ने कहा कि केंद्र की कोशिश है कि किसान आंदोलन को राजनैतिक दलों और खालिस्तानियों का कहकर बदनाम किया जाए। दुर्भाग्यपूर्ण है कि अगर कोई उनसे असहमत होते हैं, तो वे उन्हें देशद्रोही कहते हैं। ऐसे बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। हम केंद्र के रवैये और ऐसे बयानों की निंदा करते हैं। अकाली दल के अध्‍यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। उन्‍होंने कहा कि केंद्र जिनके लिए यह कानून लेकर आया है, वही किसान इन्‍हें लागू होते नहीं देखना चाहते। उन्‍होंने कहा, “दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि केंद्र किसानों की आवाज सुनने के बजाय उसे दबा रही है। किसान नए कानून नहीं चाहते। सरकार क्‍यों तानाशाही दिखा रही है जब जिनके लिए कानून बने हैं, वही इसे नहीं चाहते? मैं पीएम से गुजारिश करूंगा कि किसानों की बात सुनें। उ

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