समग्र समाचार सेवा
हरिद्वार, 3 मार्च।
हरिद्वार महाकुंभ में बुधवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की भव्य पेशवाई निकाली गई। इस दौरान बड़े-बड़े ढोल और गाजे-बाजे के साथ पेशवाई का स्वागत किया गया। संत और महंतों पर फूलों की बारिश हुई। उंट, हाथी, चांदी के सिंहासन और रथ पेशवाई के मुख्य आकर्षण रहे। वहीं इससे पूर्व मंगलवार को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के रमता पंचों के कुंभनगरी पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ।
श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के संतो के देर सायं चंडीघाट चैक पहुंचने पर मेलाधिकारी दीपक रावत सहित स्थानीय लोगों ने पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।
ललतारो पुल पहुंचने पर रमता पंचों के दर्शन को लेकर लोग छतों और दुकानों के बाहर खड़े हो गए थे। रमता पंचों की जमात चंडी चैक से होते हुए पांडेवाला स्थित छावनी में पहुंची। रमता पंचों के नगर प्रवेश के दौरान पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद रही। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया। अखाड़ा के रमता पंचों के दर्शनों के लिए लोगों में काफी उत्सुकता दिखी। बुधवार को श्री निरंजनी अखाड़े की पेशवाई देखने लायक दिखी। पेशवाई में शामिल संतों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई। पहले हेलीकॉप्टर से कनखल में फूलों की बारिश की गई। इसके बाद शिव मूर्ति चैके पास फूलों की बारिश हुई वहीं 25 बैंड बाजों में 100 लोगों की टीम मौजूद थी। पेशवाई का नेतृत्व आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने किया। चांदी के सिंहासन, रथ, सजावट की सामग्री मंगलवार को ही हरिद्वार पहुंच गई थी। बुधवार सायं 6 बजे पेशवाई निरंजनी अखाड़े के पास पार्किंग स्थल में बनी अस्थायी छावनी में प्रवेश करेगी।