समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 जनवरी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया। ऐलान के बाद नए विवाद सामने आ रहे हैं। इसमें ताजा नाम मशहूर प्लेबैक सिंगर संध्या मुखर्जी का है। संध्या ने पद्म श्री पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने भी पद्म भूषण सम्मान स्वीकार नहीं करने का ऐलान किया था। बुद्धदेव के फैसले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पार्टी में अपने सहयोगी गुलाम आजाद पर मंगलवार को निशाना साधा। बुद्धदेव की तरफ से पद्म भूषण ठुकराए जाने की जानकारी को रीट्वीट करते हुए जयराम रमेश ने लिखा,’सही कदम उठाया, वो आजाद रहना चाहते हैं, न कि गुलाम।’
17 लोगों को मिला पद्म भूषण सम्मान
बुद्धदेव और गुलाम नबी आजाद को उनके सार्वजनिक क्षेत्र में योगदान के लिए यह पुरस्कार दिए जाने का ऐलान किया गया था। हालांकि, आजाद की तरफ से इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पद्म भूषण पुरस्कार के लिए पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद सहित 17 लोगों के नाम का ऐलान किया गया था।
उम्र के आखिरी पड़ाव में सम्मान मिलने से नाराज संध्या
संध्या मुखर्जी की बेटी सौमी सेनगुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारी ने फोन कर उन्हें सम्मान मिलने की जानकारी दी और संध्या ने इसे अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 90 साल की उम्र के बाद उनके जैसी दिग्गज को पद्मश्री देना बेहद अपमानजनक बात है।
गीता मेहता भी पहले कर चुकी हैं इंकार
इससे पहले भी ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बहन गीता मेहता ने 2019 में पद्म श्री सम्मान लेने से इनकार कर दिया था। उन्हें सरकार ने शिक्षा और साहित्य में योगदान के लिए सम्मानित करने का फैसला लिया था। लेकिन गीता मेहता ने पुरस्कार की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे लेने से इनकार कर दिया था। उनका कहना था कि आम चुनाव से पहले यह सम्मान दिया जा रहा है। ऐसे में इसकी टाइमिंग पर सवाल उठता है। इससे सरकार और मेरे लिए ऐसी स्थिति पैदा हुई है, जो दुखद है। उनका मानना था कि केंद्र सरकार की ओर से यह पुरस्कार उन्हें इसलिए देने का फैसला लिया गया ताकि नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल के समर्थक वर्ग में सेंध लगाई जा सके।
12 साल बाद किसी कांग्रेसी नेता को पद्म सम्मान
साल 2008 के बाद पद्म पुरस्कार पाने वाले गुलाम नबी आजाद दूसरे कांग्रेसी नेता हैं। 2008 में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पद्म विभूषण से नवाजा गया था। उस दौरान वे यूपीए सरकार में मंत्री भी थे। प्रणब मुखर्जी को 2019 में भारत रत्न सम्मान भी दिया गया।