मंगला गौरी व्रत 2023: आज है सावन का छठा मंगला गौरी व्रत, अखंड सौभाग्य और संतान सुख के लिए करें इन मंत्रों का जाप
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8अगस्त। सावन के महीने में आने वाला प्रत्येक दिन बेहद ही खास और महत्वपूर्ण होता है. जिस तरह सावन में सोमवार के दिन भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए सोमवार का व्रत रखा जाता है, उसी प्रकार मंगलवार का दिन मां मंगला गौरी को समर्पित है और इस दिन मंगला गौरी व्रत रखते हैं. आज यानि 8 अगस्त को सावन का छठा मंगला गौरी व्रत है. यह व्रत महिलाएं अखंड सौभाग्य और संतान सुख की कामना से रखती हैं. आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत में किस तरह करनी चाहिए मां गौरी की पूजा?
मंगला गौरी व्रत का महत्व
सनातन धर्म में प्रत्येक व्रत का अपना एक खास महत्व माना गया है और मंगला गौरी व्रत का भी विशेष महत्व है. इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं और मां गौरी की अराधना करती हैं. इसके अलावा यह व्रत संतान सुख की प्राप्ति और संतान की खुशहाली के लिए भी रखा जाता है. कहते हैं कि यदि कोई कुंवारी कन्या मंगला गौरी का व्रत विधि-विधान से करती है तो उसे अच्छा जीवनसाथी मिलता है और जल्द विवाह के योग बनते हैं.
मंगला गौरी व्रत पूजा विधि
मंगला गौरी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और फिर स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मां पार्वती की मूर्ति स्थापित करें. बता दें कि मां गौरी माता पार्वती का ही स्वरूप है. मूर्ति स्थापित करने के बाद गंगाजल छिड़कर उसे स्वच्छ करें और फिर माता पार्वती को सोलह श्रृंगार अर्पित करें. इसके साथ ही 16 मालाएं चढ़ाएं और 16 लड्डूओं का भोग लगाएं. फिर धूप-दीप प्रज्जवलित करें और आरती करें.
करें इन मंत्रों का जाप
मंगला गौरी व्रत के दिन मां गौरी का पूजन के बाद कुछ मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए. इससे मां गौरी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.
. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके। शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।
. कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।
. ह्रीं मंगले गौरि विवाहबाधां नाशय स्वाहा।