वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, एवीएसएम, वीएसएम ने नौसेना उपप्रमुख का कार्यभार संभाला

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1मई। एयर मार्शल नागेश कपूर ने 01 मई, 2024 को प्रशिक्षण कमान (टीसी) में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) का पदभार ग्रहण किया।

एयर मार्शल एन कपूर को 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उनके पास एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर के रूप में 3400 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है।

एयर मार्शल ने अपने शानदार करियर के दौरान कई फील्ड और स्टाफ पदों पर काम किया है। उन्होंने परिचालन कार्यकाल के दौरान केंद्रीय क्षेत्र में एक लड़ाकू स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, पश्चिमी क्षेत्र में एक फ्लाइंग बेस के स्टेशन कमांडर और एक प्रमुख एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग पद की जिम्मेदारियों को संभाला है। इसके अलावा उन्होंने वायु सेना अकादमी में मुख्य प्रशिक्षक (उड़ान) और प्रतिष्ठित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज- वेलिंगटन में निर्देशन स्टाफ के रूप में अपना निर्देशात्मक कार्यकाल पूरा किया है। एयर मार्शल नागेश कपूर ने वायु सेना अकादमी में अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय वायु सेना में पीसी-7 एमके आईएल विमान को शामिल करने और परिचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने डिफेंस अटैची, पाकिस्तान के रूप में एक राजनयिक कार्यभार को भी संभाला है। उनकी स्टाफ नियुक्तियों में वायु सेना मुख्यालय में सहायक वायु सेना परिचालन (रणनीति), दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में एयर डिफेंस कमांडर और केंद्रीय वायु कमान मुख्यालय में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर शामिल हैं। उन्होंने मौजूदा पदभार को संभालने से पहले वायु सेना मुख्यालय में एयर ऑफिसर-इन-चार्ज पर्सनेल (कार्मिक) के रूप में कार्य किया है।

एयर मार्शल नागेश कपूर उनकी सराहनीय सेवा के लिए साल 2008 में वायु सेना पदक और 2022 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।

वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, एवीएसएम, वीएसएम ने 01 मई 2024 को नौसेना उपप्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । कार्यभार संभालने पर फ्लैग ऑफिसर ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्‍ट्र की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी।

फ्लैग ऑफिसर को 01 जुलाई 87 को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया था और वह संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में विशेषज्ञ हैं। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला; ज्वाइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, श्रीवेनहम, ब्रिटेन; कॉलेज ऑफ नैवल वॉरफेयर, करंजा; और यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज, न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड, अमेरिका के पूर्व छात्र रहे हैं ।

अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित एडमिरल मिसाइल पोतों आईएनएस विद्युत तथा आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉवरेट आईएनएस कुलिश, गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मैसूर तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान सहित अपने नौसेना करियर में कई प्रमुख प्रचालनगत, स्टाफ और प्रशिक्षण नियुक्तियों के पद पर रहे हैं।

रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने पर उन्होंने कोच्चि के दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (प्रशिक्षण) के रूप में काम किया तथा भारतीय नौसेना में प्रशिक्षण के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय नौसेना सुरक्षा टीम की संस्थापना में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही जो नौसेना के सभी कार्यक्षेत्रों में प्रचालनगत सुरक्षा की निगरानी करती है। इसके बाद वह फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग के रूप में नौसेना के वर्क-अप संगठन के प्रमुख बने, जिसके बाद उन्हें पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में नियुक्त होने का अवसर प्राप्त हुआ। स्वोर्ड आर्म की कमान संभालने के बाद, उन्हें भारत सरकार में फ्लैग ऑफिसर ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप और एडवायजर ऑफशोर सिक्यूरिटी एंड डिफेंस नियुक्त किया गया।

वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने पर फ्लैग ऑफिसर पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ और एनएचक्यू में कार्मिक सेवाओं के नियंत्रक रहे । नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख के रूप में अपने वर्तमान कार्यभार से पहले, उन्होंने एनएचक्यू में कार्मिक प्रमुख के रूप में कार्य किया।

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन की शैक्षणिक योग्यताओं में नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीएससी की डिग्री, कोच्चि के कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से दूरसंचार में एमएससी, लंदन के किंग्स कॉलेज से डिफेंस स्टडीज में एमए, मुंबई विश्वविद्यालय से स्ट्रेटजिक स्टडीज में एमफिल तथा मुंबई विश्वविद्यालय से इंटरनेशनल स्टडीज में पीएचडी शामिल है।

 

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