समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 अप्रैल। कांग्रेस नेता शशि थरूर द्वारा मणिपुर में मौजूदा हिंसा को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना करने वाली हालिया टिप्पणी ने विवादों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है। थरूर ने राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने में सरकार की विफलता को उजागर किया और मणिपुर के जातीय संघर्षों के इतिहास का हवाला दिया। हालांकि, उनकी आलोचना मौजूदा संदर्भ में सही हो सकती है, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि मणिपुर का इतिहास सदियों से हिंसा और रक्तपात से भरा रहा है। यह न केवल पिछली सरकारों की नीतियों से प्रभावित रहा है, बल्कि क्षेत्रीय शासन की व्यापक चुनौतियों का भी हिस्सा है।