समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5 मई 2025: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। इस पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) आज एक विशेष बैठक आयोजित कर रही है, जो पूरी तरह से बंद दरवाजों के भीतर होगी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच उत्पन्न हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 4 मई को घोषणा की कि उसने क्षेत्र में बिगड़ते हालात की जानकारी सुरक्षा परिषद को देने का फैसला लिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने न्यूयॉर्क स्थित पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिख़ार को औपचारिक बैठक बुलाने का निर्देश दिया। जानकारों के मुताबिक, पाकिस्तान का उद्देश्य इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर भारत पर राजनीतिक दबाव बनाना है।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस हमले ने 2019 के पुलवामा हमले की भयावह यादें ताजा कर दीं और इसे हाल के वर्षों का सबसे गंभीर आतंकी हमला माना जा रहा है। भारत सरकार ने इस हमले के बाद अपने सुरक्षा ढांचे की समीक्षा शुरू कर दी है, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
भारत, जो हमेशा से एक शांतिप्रिय और लोकतांत्रिक राष्ट्र रहा है, आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता में कभी कमजोर नहीं पड़ा है। पहलगाम हमला भारत के लिए केवल एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि कूटनीतिक और सामरिक मोर्चों पर अपनी ताकत साबित करने का अवसर भी है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा, चाहे वह सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक हो या वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करना।
वैश्विक समुदाय की नजरें अब इस विशेष बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि यह तय करेगा कि भारत-पाक तनाव किस दिशा में आगे बढ़ेगा। भारत की लोकतांत्रिक साख, शांति की प्रतिबद्धता और मानवाधिकारों के प्रति सम्मान उसे वैश्विक नेतृत्व के योग्य बनाते हैं, और इस संकट में उसकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।