ट्रंप के टैरिफ संकट के बीच PM मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला में हुई बात

भारत और ब्राजील ने व्यापार, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई।

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  • अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने के बाद, पीएम मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के बीच फोन पर बातचीत हुई।
  • दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ BRICS जैसे वैश्विक मंचों पर सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।
  • यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ब्राजील के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह ट्रंप से नहीं, बल्कि पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात करना चाहेंगे।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 अगस्त, 2025 – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर लगाए गए टैरिफ के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है। इस बातचीत को दोनों देशों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ट्रंप की ‘संरक्षणवादी’ नीतियों के खिलाफ एक एकजुटता दिखाने का संकेत है। पीएम मोदी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति लूला के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही और दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्या हुई पीएम मोदी और लूला में बातचीत?

पीएम मोदी और लूला दा सिल्वा ने कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने ब्राजील की अपनी यात्रा को ‘यादगार और सार्थक’ बनाने के लिए राष्ट्रपति लूला को धन्यवाद भी दिया। इस दौरान दोनों ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के बीच एक मजबूत, जन-केंद्रित साझेदारी के महत्व पर भी जोर दिया, जिससे यह साफ होता है कि वे विकासशील देशों की एकजुटता को बढ़ावा देना चाहते हैं।

ट्रंप के टैरिफ संकट का संदर्भ

यह बातचीत तब हुई है जब ट्रंप प्रशासन ने भारत और ब्राजील दोनों पर 50 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ लगाया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, जबकि ब्राजील को भी इसी तरह के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति को टैरिफ पर बात करने के लिए कॉल करने का सुझाव दिया था, लेकिन लूला ने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया था कि वे अमेरिका के बजाय ब्रिक्स के सदस्य देशों, खासकर पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति से बात करेंगे। इस बयान के ठीक बाद पीएम मोदी से उनकी बातचीत हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ब्रिक्स देश अमेरिकी दबाव के खिलाफ एक साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

BRICS में सहयोग की मजबूती

इस बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ब्रिक्स (BRICS) समूह में सहयोग की मजबूती को दर्शाता है। अमेरिका द्वारा ब्रिक्स देशों को ‘अमेरिका विरोधी’ बताने और उन पर टैरिफ लगाने की धमकियों के बाद, ब्रिक्स देश एकजुट होते दिख रहे हैं। भारत और ब्राजील दोनों इस समूह के संस्थापक सदस्य हैं। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत इस बात का संकेत है कि ब्रिक्स अब केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और रणनीतिक गठबंधन भी बन रहा है, जो वैश्विक मंच पर पश्चिमी देशों के एकतरफा दबदबे को चुनौती दे सकता है।

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