- राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नया चेहरा: प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद, काठमांडू के मेयर बालेन शाह को नए नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।
- रैपर से राजनेता का सफर: एक सिविल इंजीनियर और रैपर के रूप में शुरुआत करने वाले बालेन शाह ने 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मेयर का चुनाव जीता था।
- युवाओं के बीच लोकप्रिय: बालेन शाह युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं क्योंकि वे अपने गीतों में भ्रष्टाचार और असमानता जैसे मुद्दों को उठाते हैं।
समग्र समाचार सेवा
काठमांडू, 9 सितंबर 2025: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया है। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, एक अप्रत्याशित नाम प्रमुखता से उभरा है: बालेन शाह। ये कोई पारंपरिक राजनेता नहीं, बल्कि एक रैपर, इंजीनियर और काठमांडू के मेयर हैं। नेपाल की युवा पीढ़ी, जिसे ‘जेन ज़ेड’ कहा जाता है, अब उन्हें देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रही है।
नेपाल में हाल के दिनों में हुआ ‘जेन ज़ेड’ आंदोलन, पारंपरिक राजनीति से युवाओं की बढ़ती हताशा को दर्शाता है। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ नहीं था, बल्कि दशकों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, कुशासन और बेरोजगारी के खिलाफ एक विद्रोह था। ऐसे में, जब राजनीतिक दल अपनी पकड़ खो रहे हैं, बालेन शाह जैसा एक नया चेहरा युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।
बालेन शाह का जन्म 1990 में काठमांडू में हुआ था। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। अपनी अकादमिक उपलब्धियों के साथ-साथ, उन्होंने नेपाल के भूमिगत हिप-हॉप सीन में एक रैपर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनके रैप गीत अक्सर समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और असमानता की कड़वी सच्चाई को उजागर करते थे, जिसने उन्हें युवाओं के बीच एक लोकप्रिय और भरोसेमंद चेहरा बना दिया।
2022 में, उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों के खिलाफ एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में काठमांडू मेयर का चुनाव लड़ा और आश्चर्यजनक रूप से बड़ी जीत हासिल की। उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि युवा और आम नागरिक राजनीतिक दलों के पुराने तरीकों से ऊब चुके हैं। मेयर के रूप में उनके कार्यकाल में, उन्होंने कई साहसिक कदम उठाए हैं, जैसे कि अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना, शहर की सफाई में सुधार लाना और सार्वजनिक बैठकों का लाइव प्रसारण करना। उनकी कार्यशैली, जो अक्सर सीधी और टकराव वाली होती है, ने उन्हें कई लोगों का चहेता बना दिया है, जबकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना भी उन्हें झेलनी पड़ी है।
अब, जब देश एक बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, सोशल मीडिया पर ‘बालेन फॉर पीएम’ (#BalenForPM) जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। युवा प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि वह मेयर पद से इस्तीफा दें और देश का नेतृत्व संभालें। बालेन ने स्वयं इस आंदोलन का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही युवाओं से शांति और संयम बनाए रखने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि “अब आपको और मुझे संयम बरतना होगा। आपकी पीढ़ी को ही अब से देश का नेतृत्व करना होगा।”
यह देखना दिलचस्प होगा कि नेपाल का राजनीतिक भविष्य क्या मोड़ लेता है। क्या एक रैपर से राजनेता बने बालेन शाह वाकई देश की बागडोर संभालेंगे, या यह केवल एक अस्थायी लहर बनकर रह जाएगी? यह संकट नेपाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है, जहाँ पुरानी पीढ़ी के नेता हाशिए पर जा रहे हैं और नई पीढ़ी अपने लिए एक नई राह तलाश रही है।