- जनगणना के बाद असम में मुस्लिम आबादी 36% तक पहुंचने की आशंका
- पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी 32% तक बढ़ने की संभावना
- बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स की मांग
- सीमावर्ती राज्यों के समन्वय को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी
राज्यों के साथ मिलकर कार्रवाई नहीं होने पर गंभीर स्थिति की चेतावनी
बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने के लिए असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और मेघालय के संयुक्त टास्क फोर्स की अपील
समग्र समाचार सेवा
पश्चिम बंगाल, 18 अप्रैल: पश्चिम बंगाल l में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान असम के मुख्यमंत्री ड° हिमन्त विश्र्व शर्मा ने कहा कि आगामी जनगणना के बाद असम और पश्चिम बंगाल की जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि हर जनगणना में लगभग 4–5 प्रतिशत की दर से मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है। यदि यही रुझान जारी रहता है, तो असम में यह आंकड़ा 36% और पश्चिम बंगाल में 32% तक पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और मेघालय को मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स बनानी चाहिए।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता से अपील करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और देश की अखंडता बनाए रखने के लिए राज्यों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते संयुक्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और जटिल हो सकती है।