मालदा के बलुआ चारा हाई स्कूल बूथ पर , EVM खराबी त्वरित सुधार

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!

पूनम शर्मा
पश्चिम बंगाल में चुनाव हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं, परंतु इस बार निर्वाचन आयोग के बंदोबस्त से प्रक्रिया सही चल रही है । इस बार मालदा जिले के बलुआ चारा हाई स्कूल पोलिंग बूथ पर मतदान प्रक्रिया में व्यवधान आया, जिसका मुख्य कारण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में आई तकनीकी खराबी रही।

EVM खराबी के कारण मतदान में बाधा

23 अप्रैल को जब मतदाता अपने-अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए पोलिंग बूथ पर पहुंचे, तो उन्हें EVM मशीन में तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। कई मतदाताओं और राजनीतिक दलों के एजेंटों ने शिकायत की कि मशीन काम नहीं कर रही है और वोट दर्ज नहीं हो रहे हैं। इससे मतदान प्रक्रिया ठप हो गई और पोलिंग बूथ पर लंबी कतारें लग गईं।

अधिकारियों की भूमिका और समस्या का समाधान

बूथ पर तैनात चुनाव अधिकारियों ने तुरंत मशीन की जांच शुरू की और समस्या को हल करने का प्रयास किया। हालांकि, समस्या थोड़ी देर तक बनी रही, जिससे मतदाताओं में असंतोष और चिंता देखने को मिली। तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया और चुनाव आयोग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक प्रतिस्थापन EVM उपलब्ध कराई। इसके बाद ही मतदान प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जा सका।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

EVM खराबी की खबर फैलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ दलों ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए, तो वहीं कुछ ने मतदान में धांधली की आशंका जताई। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुरक्षा प्रबंध और मतदाताओं की प्रतिक्रिया

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बूथ पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। मतदाताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की और चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की। EVM बदलने के बाद मतदान प्रक्रिया फिर से सामान्य हो गई, परंतु इस घटना ने फिर से EVM की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है।

निष्कर्ष

मालदा के बलुआ चारा हाई स्कूल बूथ पर EVM खराबी के कारण उत्पन्न हुई समस्या और तुरंत समाधान निर्वाचन आयोग  की सशक्त भूमिका सराहनीय है । ऐसे मामलों में चुनाव आयोग की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन यह आवश्यक है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों से बचाव के लिए और भी मजबूत उपाय किए गए हैं । मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.