कर्नाटक : डी.के. शिवकुमार ने सरकार गठन करने का दावा पेश किया
राज्यपाल को भेजा शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का अनुरोध, 13 मंत्रियों और एक उपमुख्यमंत्री की सूची सौंपी
- डी.के. शिवकुमार ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सरकार गठन का दावा पेश किया।
- 3 जून 2026 को भेजे गए पत्र में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने का अनुरोध किया गया।
- प्रस्तावित मंत्रिमंडल में 13 मंत्री और एक उपमुख्यमंत्री का नाम शामिल।
- डॉ. जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया गया।
- मंत्रिमंडल में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी स्थान दिया गया है।
- शपथ ग्रहण की तिथि को लेकर अभी राजभवन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु, 3 जून: कर्नाटक में राजनीतिक गतिविधियों के बीच कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को पत्र लिखकर नई सरकार के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने राज्यपाल से प्रस्तावित मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया है।
3 जून 2026 को भेजे गए पत्र में शिवकुमार ने नई सरकार के लिए प्रस्तावित मंत्रियों की सूची भी संलग्न की है। इस सूची में डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
प्रस्तावित मंत्रिमंडल में शामिल प्रमुख नाम
प्रस्तावित मंत्रिपरिषद में निम्नलिखित नेताओं के नाम शामिल हैं:
• के.एच. मुनियप्पा
• के.जे. जॉर्ज
• एम.बी. पाटिल
• रामलिंगा रेड्डी
• सतीश जारकीहोली
• कृष्णा बायर गौड़ा
• प्रियंक खड़गे
• यू.टी. खादर
• ईश्वर खंड्रे
• यतींद्र सिद्धारमैया
• बायराथी सुरेश
• शरण प्रकाश पाटिल
अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्तावित मंत्रिमंडल में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नई पीढ़ी के नेताओं को भी स्थान देकर कांग्रेस ने संगठनात्मक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इससे सरकार में अनुभव और युवा ऊर्जा दोनों का समावेश देखने को मिल सकता है।
राजभवन की प्रतिक्रिया का इंतजार
राजभवन को भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाने की औपचारिक अनुमति मांगी गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक शपथ ग्रहण समारोह की तिथि को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी और राजभवन की ओर से भी कोई औपचारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
अब सभी की नजरें राज्यपाल कार्यालय और कांग्रेस नेतृत्व के बीच होने वाली आगामी चर्चाओं पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही विभागों के बंटवारे और शपथ ग्रहण समारोह की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है। कर्नाटक की राजनीति में यह घटनाक्रम नई कांग्रेस सरकार के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।