- डी.के. शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
- मुख्यमंत्री सहित 14 सदस्यों ने मंत्रिपरिषद में शपथ ग्रहण की।
- कांग्रेस नेतृत्व ने समारोह के माध्यम से एकजुटता का संदेश दिया
समग्र समाचार सेवा
बँगलुरु ,कर्नाटक ,3 जून : सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया हुई पूरी
बेंगलुरु में बुधवार को आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में डी.के. शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से शुरू हुई सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो गई। कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर सिद्धारमैया ने पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया था।
शपथ के दौरान दिखी विविध सामाजिक और वैचारिक झलक
शपथ ग्रहण समारोह में एक रोचक दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने दिवंगत संत गंगाधर अज्जैया के नाम पर शपथ ली। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री जी परमेश्वरा ने संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर के नाम पर शपथ ग्रहण की। इसने समारोह को सामाजिक और वैचारिक विविधता का संदेश देने वाला बना दिया।
13 मंत्रियों ने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री के साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल में यतीन्द्र सिद्धारमैया, यू.टी. खादर, एम.बी. पाटिल, के.जे. जॉर्ज, के.एच. मुनियप्पा, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, कृष्णा बायरगौड़ा, प्रियंक खड़गे, ईश्वर खंड्रे, बायरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनावों के बाद मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जा सकता है।
कांग्रेस नेतृत्व रहा मौजूद
समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। राहुल गाँधी ,मलिकार्जुन खड़गे समेत कई राज्यों के कांग्रेस मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। धार्मिक नेताओं, किसानों, छात्रों, दलित प्रतिनिधियों और कन्नड़ संगठनों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
नई राजनीतिक पारी की शुरुआत
64 वर्षीय डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। कांग्रेस नेतृत्व इसे संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई देते हुए राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।