- दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र के टेलीग्राम बैन को बरकरार रखा।
- बैन NEET 2026 री-परीक्षा से पहले पेपर लीक रोकने के लिए लगाया गया।
- टेलीग्राम ने अवैध सामग्री हटाने के लिए AI का उपयोग किया।
- केंद्र ने कोर्ट को बताया कि प्लेटफॉर्म पर बॉट्स द्वारा अवैध सूचना फैलती है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली 19 जून : दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 जून 2026 को टेलीग्राम द्वारा केंद्र सरकार के बैन के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। यह बैन NEET UG 2026 की री-परीक्षा से पहले पेपर लीक को रोकने के लिए लगाया गया था, जो 21 जून को होने वाली है। न्यायमूर्ति तेजस करिया ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत उठाए गए कदमों को उचित माना और इसे आपातकालीन स्थिति के अनुसार आवश्यक बताया।
केंद्र सरकार का पक्ष और कोर्ट का आदेश
केंद्र ने दावा किया कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर अनेक बॉट्स और ऑटोमेटेड अकाउंट्स की मौजूदगी है, जो बिना मानव हस्तक्षेप के अवैध सूचना फैलाने में सक्षम हैं। कोर्ट ने कहा कि केंद्र के पास ऐसी आपातकालीन स्थिति में इस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध अनुपातिक है और सबसे कम प्रतिबंधात्मक उपाय है।
टेलीग्राम का बयान और चुनौती
टेलीग्राम ने बताया कि उसने NEET से जुड़े 900 से अधिक अवैध लिंक हटा दिए हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता व मशीन लर्निंग तकनीक के जरिए इस समस्या से निपटने की कोशिश की है। कंपनी के CEO पावेल ड्यूरोव ने कहा कि केंद्र की कार्रवाई से भारत में 150 मिलियन से अधिक सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित हो रहे हैं, जबकि असली दोषी “इंसाइडर्स” हैं।