- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के लारनाई गाँव का दौरा किया।
- GI टैग प्राप्त प्रसिद्ध ब्लैक क्ले पॉटरी (काली मिट्टी की मिट्टी कला) की परंपरा का अवलोकन किया।
- पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस कला की सराहना की।
- इसे स्थानीय ज्ञान, सांस्कृतिक गौरव और कलात्मक विरासत का अनूठा उदाहरण बताया।
- पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के महत्व पर जोर दिया।
- लारनाई गाँव में केंद्रीय मंत्री का विशेष दौरा
GI टैग प्राप्त काली मिट्टी की कला की सराहना, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर बल
समग्र समाचार सेवा
शिलांग, 22 जून: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मेघालय के पश्चिम जयंतिया हिल्स जिले के लारनाई गाँव का दौरा कर क्षेत्र की प्रसिद्ध GI टैग प्राप्त ब्लैक क्ले पॉटरी (काली मिट्टी की मिट्टी कला) की समृद्ध परंपरा से परिचय प्राप्त किया।
सदियों पुरानी मिट्टी कला की अनूठी परंपरा
लारनाई गाँव विशेष रूप से अपनी ब्लैक क्ले पॉटरी के लिए जाना जाता है। सदियों से यह कला स्थानीय समाज की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। पारंपरिक तकनीकों से निर्मित इन उत्पादों को देश और विदेश में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है।
स्थानीय ज्ञान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक
दौरे के दौरान मंत्री ने स्थानीय कारीगरों से बातचीत की और इस कला में निहित पारंपरिक ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसी पारंपरिक कलाएँ भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त बनाती हैं।
विरासत संरक्षण और नई पीढ़ी को प्रोत्साहन
विशेषज्ञों के अनुसार, GI मान्यता प्राप्त इस कला ने स्थानीय कारीगरों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। साथ ही, नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला से जोड़कर रखने के लिए संरक्षण, प्रचार-प्रसार और बेहतर बाज़ार संपर्क को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मेघालय की सांस्कृतिक पहचान का उज्ज्वल उदाहरण
लारनाई की काली मिट्टी की कला आज भी मेघालय की सांस्कृतिक पहचान, गौरव और कलात्मक विरासत का एक उत्कृष्ट प्रतीक मानी जाती है। केंद्रीय मंत्री की इस यात्रा ने राज्य की इस अनूठी हस्तशिल्प परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने लाने का अवसर प्रदान किया।