नेपाल में समावेशी नेतृत्व की दिशा में बड़ा कदम

राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी ने संविधान संशोधन का लिया निर्णय

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  • नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (RSP) ने पार्टी संविधान में संशोधन का निर्णय लिया।
  • केंद्रीय समिति में समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।
  • केंद्रीय उपाध्यक्ष पद पर कम से कम एक महिला को अनिवार्य रूप से शामिल करने का प्रस्ताव पारित।
  • लुम्बिनी प्रदेश से एक थारू और मधेश प्रदेश से एक मधेशी दलित सदस्य का अनिवार्य प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
  • चितवन में आयोजित प्रथम महाधिवेशन में यह निर्णय लिया गया।
  • चितवन में RSP का पहला महाधिवेशन

समग्र समाचार सेवा
काठमांडू, 23 जून: नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (RSP) ने पार्टी नेतृत्व में अधिक समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपने संविधान में संशोधन करने का निर्णय लिया है। रविवार को चितवन में शुरू हुए पार्टी के प्रथम महाधिवेशन में केंद्रीय समिति ने इस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी।

महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा अनिवार्य

संशोधित प्रावधान के तहत केंद्रीय उपाध्यक्ष पद पर कम से कम एक महिला को शामिल करना अनिवार्य होगा। पार्टी का मानना है कि नेतृत्व स्तर पर महिलाओं की अधिक भागीदारी से लोकतांत्रिक मूल्यों और समानता को मजबूती मिलेगी।

थारू और मधेशी दलित समुदाय को विशेष स्थान

समावेशिता की नीति को और सशक्त बनाने के लिए लुम्बिनी प्रदेश से एक थारू तथा मधेश प्रदेश से एक मधेशी दलित सदस्य को केंद्रीय समिति में अनिवार्य रूप से स्थान देने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि इस कदम से ऐतिहासिक रूप से वंचित और कम प्रतिनिधित्व वाले समुदायों की भागीदारी बढ़ेगी।

समानतामूलक राजनीति की ओर बढ़ता नेपाल

RSP के इस निर्णय को नेपाल की राजनीति में अधिक समानता, विविधता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी ने भविष्य में भी समावेशी राजनीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने की बात कही है

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