राखीगढ़ी की खुदाई में मिले मानव कंकाल कोलकाता भेजे गए
उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मानवविज्ञान सर्वेक्षण विभाग को सौंपे गए अवशेष
- हरियाणा के राखीगढ़ी में खुदाई के दौरान मिले मानव कंकाल वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कोलकाता भेजे गए।
- 2025-26 के उत्खनन सत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने माउंड संख्या-7 पर आठ कब्र स्थलों की खोज की।
- तीन पूर्ण मानव कंकाल और अन्य कब्रों से प्राप्त कंकालों के अवशेष अनुसंधान हेतु सौंपे गए।
- कोलकाता स्थित मानवविज्ञान सर्वेक्षण विभाग के प्राचीन मानव कंकाल भंडार एवं प्रयोगशाला में विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
- शेष कंकालीय सामग्री भी जल्द ही स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
- राखीगढ़ी की खुदाई से मिले नए ऐतिहासिक संकेत
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23 जून: हरियाणा के ऐतिहासिक पुरातात्विक स्थल राखीगढ़ी में उत्खनन के दौरान प्राप्त मानव कंकालों को उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के उद्देश्य से कोलकाता स्थित मानवविज्ञान सर्वेक्षण विभाग (Anthropological Survey of India) के प्राचीन मानव कंकाल भंडार एवं प्रयोगशाला में भेजा गया है।
आठ कब्र स्थलों की खोज
वर्ष 2025-26 के उत्खनन सत्र के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने राखीगढ़ी के माउंड संख्या-7 पर खुदाई का कार्य किया। यह क्षेत्र पहले से ही एक कब्रिस्तान स्थल के रूप में पहचाना गया था। उत्खनन के दौरान कुल आठ कब्र स्थलों की खोज की गई।
तीन पूर्ण मानव कंकाल बरामद
खुदाई के दौरान तीन पूर्ण मानव कंकाल प्राप्त हुए, जबकि अन्य कब्रों से कंकालों के विभिन्न हिस्से एकत्र किए गए। इन अवशेषों से प्राचीन सभ्यता, जनसंख्या, जीवनशैली तथा मृत्यु के बाद किए जाने वाले संस्कारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
कोलकाता में होगा विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण
प्राप्त कंकालों का कोलकाता स्थित मानवविज्ञान सर्वेक्षण विभाग की विशेष प्रयोगशाला में विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। शोधकर्ता डीएनए विश्लेषण, आयु निर्धारण, शारीरिक संरचना तथा प्राचीन मानव समुदायों की जीवन शैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करेंगे।
जल्द भेजी जाएगी शेष सामग्री
अधिकारियों के अनुसार, उत्खनन स्थल से प्राप्त शेष कंकालीय सामग्री भी आने वाले दिनों में कोलकाता भेजी जाएगी। उम्मीद है कि यह अनुसंधान भारतीय उपमहाद्वीप के प्राचीन इतिहास तथा सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े कई अनजाने तथ्यों को उजागर करने में सहायक सिद्ध होगा।