“ग्रूमिंग गैंग कांड: क्या धार्मिक विचारधारा बनी अपराध की वजह?”

सांसद रूपर्ट लोव की रिपोर्ट में धार्मिक मान्यताओं और यौन अपराधों के संबंध का दावा

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  • ब्रिटेन में हुए ‘ग्रूमिंग गैंग’ कांड को इस्लामवादी कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का आरोप।
  • सांसद रूपर्ट लोव की पहल पर तैयार रिपोर्ट में धार्मिक औचित्य की आड़ में किए गए यौन अपराधों का उल्लेख।
  • रिपोर्ट में अपराधियों और पीड़ितों दोनों की धार्मिक पहचान दर्ज करने की मांग।
  • अपराधियों के लिए मृत्युदंड की मांग उठाई गई।
  • पीड़ितों की गवाही में धार्मिक और नस्लीय अपमानजनक टिप्पणियों के आरोप।

समग्र समाचार सेवा
लंदन, 24 जून: ब्रिटेन के बहुचर्चित ‘ग्रूमिंग गैंग’ कांड को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। सांसद रूपर्ट लोव की पहल पर गठित एक जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में हुए कई यौन शोषण और सामूहिक दुष्कर्म के मामलों का संबंध इस्लामवादी कट्टरपंथी विचारधारा से रहा है।
‘रेप गैंग इंक्वायरी रिपोर्ट’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अपराधियों ने अपने कृत्यों को धार्मिक रूप से उचित ठहराने का प्रयास किया और उसी आधार पर पीड़ितों को निशाना बनाया।

अपराधियों की धार्मिक पहचान दर्ज करने की मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन गिरोहों की विचारधारा और प्रेरणाओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए अपराधियों और पीड़ितों दोनों की धार्मिक पहचान को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाना आवश्यक है।
रूपर्ट लोव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उनके अनुसार यह रिपोर्ट धर्म और इन अपराधों के बीच स्पष्ट संबंध के प्रमाण प्रस्तुत करती है।

आंकड़े और विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, दोषी ठहराए गए अपराधियों में 87 प्रतिशत मुस्लिम थे, जबकि ब्रिटेन की कुल आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत है। रिपोर्ट में इमाम ताज हार्गे के हवाले से यह भी कहा गया है कि वास्तविक अनुपात 95 प्रतिशत के करीब हो सकता है।
हालांकि, इन दावों को लेकर ब्रिटेन में व्यापक बहस जारी है और कई विश्लेषकों का मानना है कि इस विषय पर और अधिक स्वतंत्र तथा गहन जांच की आवश्यकता है

संसद में चर्चा की मांग
रूपर्ट लोव ने इस रिपोर्ट को ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत करते हुए सरकार से इसकी सिफारिशों और निष्कर्षों पर औपचारिक प्रतिक्रिया देने की मांग की है।
उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में राजनीतिक शुचिता या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचने के डर को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए।

अपराधियों के लिए मृत्युदंड की मांग
रिपोर्ट जारी होने के बाद रूपर्ट लोव ने गैंग रेप में शामिल अपराधियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। इसी प्रकार Reform UK के नेता रॉबर्ट जेनरिक ने भी बच्चों के खिलाफ किए गए सामूहिक यौन अपराधों को “घृणित” बताते हुए कठोरतम दंड की वकालत की।
पीड़िता की गवाही में धार्मिक अपमान के आरोप
रोदरहैम कांड की पीड़िता और वर्तमान में चिकित्सक के रूप में कार्यरत एला हिल ने जांच के दौरान दिए गए अपने बयान में दावा किया कि उन्हें बार-बार “श्वेत” और “ईसाई” होने के कारण अपमानित और प्रताड़ित किया गया।
उनके अनुसार, अपराधियों ने धार्मिक तर्कों का सहारा लेकर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया तथा स्वयं को “अविश्वासियों” से नैतिक रूप से श्रेष्ठ मानते थे।
शोध से मेल खाते दावे
रिपोर्ट में वर्ष 2025 में शोधकर्ता मार्क ड्यूरी द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन का भी उल्लेख किया गया है। उस अध्ययन में भी ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंगों के संदर्भ में इस्लामवादी सर्वोच्चतावादी विचारधारा के प्रभाव की संभावना जताई गई थी।
हालांकि, यह मुद्दा अभी भी राजनीतिक और सामाजिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। विभिन्न पक्ष इन आरोपों की स्वतंत्र, तथ्य-आधारित और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

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