लद्दाख में शुरू हुआ हेमिस महोत्सव 2026
ऐतिहासिक हेमिस मठ में महोत्सव का शुभारंभ भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम
- लद्दाख के लेह स्थित ऐतिहासिक हेमिस मठ में हेमिस महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ।
- दो दिवसीय इस उत्सव में हजारों श्रद्धालु, पर्यटक, सांस्कृतिक प्रेमी और बौद्ध शोधकर्ता शामिल हुए।
- उद्घाटन समारोह में लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. के. सक्सेना उपस्थित रहे।
- पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान, प्रार्थनाएं और पवित्र ‘छाम’ मुखौटा नृत्य उत्सव के मुख्य आकर्षण हैं।
- भारत सहित विदेशों से आए अतिथियों की उपस्थिति ने उत्सव स्थल को जीवंत बना दिया।
समग्र समाचार सेवा
लद्दाख, 25 जून: लद्दाख के लेह जिले में स्थित ऐतिहासिक हेमिस मठ में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ हेमिस महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस बौद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु, पर्यटक, सांस्कृतिक प्रेमी और बौद्ध शोधकर्ता भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में वी. के. सक्सेना की उपस्थिति
उत्सव के उद्घाटन दिवस पर लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. के. सक्सेना उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। उन्होंने हेमिस मठ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्सव बौद्ध धर्म के मूल्यों और लद्दाख की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
धार्मिक अनुष्ठान और पवित्र छाम नृत्य
उत्सव की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष प्रार्थनाओं और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके साथ ही हेमिस मठ के भिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत पवित्र ‘छाम’ मुखौटा नृत्य दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना। यह नृत्य बौद्ध धर्म की आध्यात्मिक शिक्षाओं तथा शुभ शक्तियों की विजय का प्रतीक माना जाता है।
देश-विदेश के पर्यटकों का जुटान
हर वर्ष आयोजित होने वाला हेमिस महोत्सव लद्दाख के सबसे लोकप्रिय सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। इस वर्ष भी भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा अनेक विदेशी पर्यटक और शोधकर्ता इसमें शामिल हुए हैं। भक्ति, संस्कृति और परंपरा के अनूठे संगम के माध्यम से यह महोत्सव एक बार फिर लद्दाख की समृद्ध विरासत को विश्व मंच पर प्रदर्शित कर रहा है।