29 जून दैनिक राशिफल पंचांग

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🐏मेष
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। सम्मान व कीर्ति में वृद्धि होगी। व्यापार में नए प्रस्तावों से लाभ मिलने के योग हैं। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। यात्रा व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।

🐂वृषभ
स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक जिम्मेदारी का पूर्ण ध्यान रखें। रचनात्मक कार्यों का प्रतिफल प्राप्त होगा। व्यापार में उन्नति होगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। कानूनी विवादों का निपटारा होगा।

👫मिथुन
मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। संतान पर अनावश्यक रोक न लगाएँ। धन लाभ होने की भी संभावना है। बुरी खबर मिल सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दौड़धूप अधिक होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। सामाजिक कार्यों में सीमित रहें।

🦀कर्क
प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश, यात्रा व नौकरी लाभ देंगे। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। इच्छित काम पूर्ण हो सकेंगे। मेहनत का फल मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। स्वास्थ्य की समस्या सुलझेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी।

🐅सिंह
प्रसन्नता रहेगी। स्वाभिमान रहेगा। अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। आय-व्यय में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। प्रमाद न करें। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। वैवाहिक अड़चनें समाप्त होंगी। विरोधी परास्त होंगे।

🙎‍♀️कन्या
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भौतिक विकास के कार्यों को बल मिलेगा। फालतू खर्च होगा। भागीदारी के प्रस्ताव आएँगे। दिनचर्या नियमित रहेगी। यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। रिश्तेदारों से भेंट हो सकेगी। दूसरों की आलोचना, निंदा से दूर रहें।

⚖️तुला
नई योजनाओं का सूत्रपात होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। व्यावसायिक समस्याओं का हल आपके माध्यम से हो सकेगा। क्रोध पर नियंत्रण रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दूसरों पर अतिविश्वास न करें। दूसरों से व्यर्थ में न उलझें।

🦂वृश्चिक
प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। पुरानी लेनदारी वसूल होगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यवहार-कुशलता से समस्या का समाधान संभव है। व्यापारिक निर्णय लेने में देरी नहीं करना चाहिए। लाभ होगा।

🏹धनु
आज प्रसन्नता बनी रहेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी से संबंधों में मधुरता आएगी। प्रयास व सहयोग से अनुकूलता आएगी। योजना फलीभूत होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। पिता से मतभेद हो सकते हैं।

🐊मकर
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। नए प्रस्ताव प्राप्त होंगे। सुखद यात्रा के योग हैं। रचनात्मक काम होंगे। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। आलस्य को त्यागें। अपने कार्यों को समय पर करने से सफलता प्राप्त हो सकती है।

🍯कुंभ
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। विवाद समाप्त होने से शांति एवं सुख बढ़ेगा। व्यापार अच्छा चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। सोच-समझकर व्यय करें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें।

🐟मीन
व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रेम-प्रसंग में सफलता मिलेगी। कानूनी बाधा दूर होगी। प्रसन्नता रहेगी। परोपकारी स्वभाव होने से दूसरों की मदद कर पाएँगे। काम के प्रति लापरवाही न करें। प्रयत्न एवं दूरदर्शिता से सहयोग व समर्थन मिलेगा। लाभ होगा।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

————————————–
आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे ,

*आचार्य ज्योतिष सचिन पांडे ,

*|| जय श्री राम सनातन धर्म कि जय ||*

📿🙏 *पंचांग* 🙏📿

🍂🌴💞🌹👏🙏🌷🦜🏵️🌸

*दिनाँक:-29/06/2026,सोमवार*

पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष,

ज्येष्ठ

“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि——— पूर्णिमा 29:25:30. तक

पक्ष————————- शुक्ल

नक्षत्र————- मूल 28:02:42

योग————- शुक्ल 14:25:08

करण——- विष्टि भद्र 16:16:19

करण————– बव 29:25:30

वार———————– सोमवार

माह————————– ज्येष्ठ

चन्द्र राशि——————- धनु

सूर्य राशि—————– मिथुन

रितु————————— वर्षा

आयन—————— दक्षिणायन

संवत्सर——————- पराभव

संवत्सर (उत्तर)—————— रौद्र

विक्रम संवत————— 2083

गुजराती संवत————- 2082

शक संवत—————– 1948

कलि संवत—————- 5127

 

वृन्दावन

सूर्योदय————— 05:27:58

सूर्यास्त————— 19:17:23

दिन काल————- 13:49:25

रात्री काल————- 10:10:54

 

लग्न—- मिथुन 13°4′ , 73°4′

 

सूर्य नक्षत्र—————— आर्द्रा

चन्द्र नक्षत्र——————– मूल

नक्षत्र पाया——————- ताम्र

 

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

 

ये—- मूल 07:51:59

 

यो—- मूल 14:35:54

 

भा—- मूल 21:19:30

 

भी—- मूल 28:02:42

 

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

 

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

============================

सूर्य= मिथुन 13°12 , आर्द्रा 2 घ

चन्द्र= धनु 02°30 , मूल 1 ये

बुध = कर्क 02°52 ‘ पुनर्वसु 4 ही

शु क्र= कर्क 23°05, आश्लेषा 2 डू

मंगल= वृषभ 05°17 °23 कृतिका 3 उ

गुरु= कर्क 05°33 पुष्प , 1 हु

शनि=मीन 19°30 ‘ रेवती , 1 दे

राहू=(व) कुम्भ 08°32 शतभिषा, 1 गो

केतु= (व) सिंह 08°32 मघा 3 मू

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*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

 

राहू काल 07:12 – 08:55 अशुभ

यम घंटा 10:39 – 12:23 अशुभ

गुली काल 14:06 – 15:50 अशुभ

अभिजित 11:55 – 12:50 शुभ

दूर मुहूर्त 12:50 – 13:46 अशुभ

दूर मुहूर्त 15:36 – 16:32 अशुभ

वर्ज्यम 26:15* – 28:03* अशुभ

प्रदोष 19:17 – 21:21. शुभ

 

🚩गंड मूल 05:28 – 28:03* अशुभ

 

💮चोघडिया, दिन

 

अमृत 05:28 – 07:12 शुभ

काल 07:12 – 08:55 अशुभ

शुभ 08:55 – 10:39 शुभ

रोग 10:39 – 12:23 अशुभ

उद्वेग 12:23 – 14:06 अशुभ

चर 14:06 15:50 शुभ

लाभ 15:50 – 17:34 शुभ

अमृत 17:34 – 19:17 शुभ

 

🚩चोघडिया, रात

 

चर 19:17 – 20:34 शुभ

रोग 20:34 – 21:50 अशुभ

काल 21:50 23:06 अशुभ

लाभ 23:06 – 24:23* शुभ

उद्वेग 24:23* – 25:39* अशुभ

शुभ 25:39* – 26:56* शुभ

अमृत 26:56* – 28:12* शुभ

चर 28:12* – 29:28* शुभ

 

💮होरा, दिन

 

चन्द्र 05:28 -06:37

शनि 06:37- 07:46

बृहस्पति 07:46- 08:55

मंगल 08:55 -10:04

सूर्य 10:04 -11:14

शुक्र 11:14- 12:23

बुध 12:23- 13:32

चन्द्र 13:32- 14:41

शनि 14:41- 15:50

बृहस्पति 15:50- 16:59

मंगल 16:59 -18:08

सूर्य 18:08 -19:17

 

🚩होरा, रात

 

शुक्र 19:17 -20:08

बुध 20:08- 20:59

चन्द्र 20:59- 21:50

शनि 21:50- 22:41

बृहस्पति 22:41- 23:32

मंगल 23:32- 24:23

सूर्य 24:23-25:14

शुक्र 25:14-26:05

बुध 26:05-26:56

चन्द्र 26:56-27:46

शनि 27:46- 28:37

बृहस्पति 28:37- 29:28

 

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

 

मिथुन > 04:56 से 06:52 तक

कर्क > 06:52 से 09:12 तक

सिंह > 09:12 से 11:28 तक

कन्या > 11:28 से 13:42 तक

तुला > 13:42 से 16:00 तक

वृश्चिक > 16:00 से 18:20 तक

धनु > 18:20 से 20:24 तक

मकर > 20:24 से 22:10 तक

कुम्भ > 22:10 से 23:46 तक

मीन > 23:46 से 01:14 तक

मेष > 01:14 से 02:52 तक

वृषभ > 02:52 से 05:00 तक

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*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

 

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)

दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट

जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट

कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट

लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट

कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट

 

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।

प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥

रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।

अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥

अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।

उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।

शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।

लाभ में व्यापार करें ।

रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।

काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।

अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

 

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l

इस मंत्र का उच्चारण करें-:

*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*

*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

 

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*

*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*

*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*

*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*

*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

 

15 + 2 + 1 = 18 ÷ 4 = 2 शेष

आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

 

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

 

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

 

बुध ग्रह मुखहुति

 

*💮 शिव वास एवं फल -:*

 

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

 

शमशान वास = मृत्यु कारक

 

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

 

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*

*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

 

16:16 तक समाप्त

 

पाताल लोक = धनलाभ कारक

 

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

 

*सत्य पूर्णिमा व्रत

 

*वट पूर्णिमा पूर्ण

 

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

 

वरं न राज्यं न कुराजराज्यं

वरं न मित्रं न कुमित्रमित्रम् ।

वरं न शिष्यो न कुशिष्यशिष्यो

वरं न दारा न कुदारदाराः ।।

।।चाoनीo।।

 

एक बेकार राज्य का राजा होने से यह बेहतर है की व्यक्ति किसी राज्य का राजा ना हो.

एक पापी का मित्र होने से बेहतर है की बिना मित्र का हो.

एक मुर्ख का गुरु होने से बेहतर है की बिना शिष्य वाला हो.

एक बुरीं पत्नी होने से बेहतर है की बिना पत्नी वाला हो.

 

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

 

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-8

 

शुक्ल कृष्णे गती ह्येते जगतः शाश्वते मते।

एकया यात्यनावृत्ति मन्ययावर्तते पुनः॥

 

क्योंकि जगत के ये दो प्रकार के- शुक्ल और कृष्ण अर्थात देवयान और पितृयान मार्ग सनातन माने गए हैं। इनमें एक द्वारा गया हुआ (अर्थात इसी अध्याय के श्लोक 24 के अनुसार अर्चिमार्ग से गया हुआ योगी।)– जिससे वापस नहीं लौटना पड़ता, उस परमगति को प्राप्त होता है और दूसरे के द्वारा गया हुआ ( अर्थात इसी अध्याय के श्लोक 25 के अनुसार धूममार्ग से गया हुआ सकाम कर्मयोगी।) फिर वापस आता है l

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