वन्यजीव तस्करी पर डीआरआई का शिकंजा

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  • देशभर में डीआरआई की इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई
  • 440 संरक्षित/लुप्तप्राय वन्यजीव जब्त
  • 15 किलोग्राम हाथी दांत और आइवरी आर्टिकल्स बरामद
  • 33 तस्कर गिरफ्तार, कई रैकेट का पर्दाफाश

समग्र  समाचार सेवा 

राजस्थान 14  जुलाई : हाथी दाँत के साथ चार गिरफ्तार को डीआरआई अधिकारियों ने राजस्थान के सुजानगढ़ के पास हाथी दांत की तस्करी में लगे चार लोगों को पकड़ा। करीब 11 किलोग्राम हाथी दांत बरामद कर वन विभाग के हवाले किया गया। भारतीय हाथी (Elephas maximus) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अनुसूची-I में शामिल है, जिसमें इसके व्यापार पर पूरी तरह रोक है।

पश्चिम बंगाल और कर्नाटक: आइवरी मूर्तियां व हाथी दांत जब्त

हावड़ा (पश्चिम बंगाल) में दो संदिग्धों से बांग्लादेश से तस्करी कर लाई गई दो आइवरी मूर्तियां जब्त की गईं। मैसूर (कर्नाटक) में 4 किलोग्राम हाथी दांत के साथ तीन लोग पकड़े गए और वन विभाग को सौंपा गया।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, दुर्लभ प्रजातियां बरामद

महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में डीआरआई, सीबीआई और डब्ल्यूसीसीबी की संयुक्त छापेमारी में 15 स्लो लोरिस, 2 बिन्टुरॉन्ग, 28 स्टार टॉर्टोइज, 6 इजिप्शियन वल्चर, 2 शिकरा समेत कई संरक्षित प्रजातियां बरामद की गईं। साथ ही, कई विदेशी प्रजातियों की तस्करी की कोशिश को हवाई अड्डों पर विफल किया गया।

देशभर में कई शहरों में छापेमारी

बेंगलुरु, वारंगल, पुणे, सूरत, चेन्नई, कोलकाता, त्रिची, मदुरै, श्रीकाकुलम, होजाई (असम), राजस्थान, मैसूर और हावड़ा जैसे शहरों में डीआरआई ने वन्यजीव उत्पादों और दुर्लभ प्रजातियों की बरामदगी की। इनमें पेंगोलिन स्केल्स, तेंदुए की खाल, सीहॉर्स, रेड सैंडर्स, गिब्बन, छिपकली, कछुआ, पक्षी, सांप और रेड सैंड बोआ शामिल हैं।

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