- कक्षा 2 की छात्रा को ‘कलमा’ और ‘सूरह फातिहा’ पढ़ने का होमवर्क दिए जाने पर शिक्षिका बर्खास्त
- अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का विरोध
- स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका की भविष्य की नियुक्ति पर भी रोक लगाई
- शैक्षिक संस्थानों में धार्मिक तटस्थता और विविधता की आवश्यकता पर जोर
समग्र समाचार सेवा
हैदराबाद | 16 जुलाई : हैदराबाद के सैयदाबाद क्षेत्र स्थित ‘सक्सेस, द स्कूल’ में एक कक्षा 2 की शिक्षिका को धार्मिक होमवर्क देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। यह निर्णय तब लिया गया जब एक हिंदू छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ‘कलमा’ और ‘सूरह फातिहा’ का पाठ्यकार्य दिया गया था। इसके विरोध में अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से लिखित शिकायत की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
स्कूल प्रबंधन ने गुरुवार को शिक्षिका शैक आयशा परवीन को टर्मिनेशन लेटर जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि वे भविष्य में भी Success Group of Education Institutions में नियुक्ति के योग्य नहीं रहेंगी। स्कूल ने सार्वजनिक रूप से टर्मिनेशन लेटर के अलावा कोई अन्य बयान जारी नहीं किया है।
इस मामले के उजागर होते ही स्थानीय स्तर पर विवाद गहरा गया। अभिभावकों के अलावा राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर बहस छिड़ गई। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर शिक्षिका की बर्खास्तगी की जानकारी दी और इसे ‘आंशिक सफलता’ करार दिया।
अभिभावकों का कहना था कि स्कूलों में किसी भी प्रकार का धार्मिक पाठ्यकार्य देना अनुचित है और इससे बच्चों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। उन्होंने शैक्षिक संस्थानों में धार्मिक तटस्थता बनाए रखने की मांग की।
इस घटना ने शिक्षा क्षेत्र में धार्मिक विविधता और संवेदनशीलता के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को पाठ्यक्रम निर्धारण में सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि सभी धर्मों के छात्रों के अधिकार और भावनाएं सुरक्षित रहें।