राजीव गांधी फाउंडेशन :दस्तावेज़ों से खुलासा चीन से लगातार मिले लाखों के डोनेशन

कई सवाल खड़े

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  • 2006-07 के दस्तावेज़ में चौथे नंबर पर: Embassy of the People’s Republic of China in India ने दिए 90 लाख रुपये
  • उस समय देश में थी कांग्रेस की UPA सरकार, प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह—जो खुद राजीव गांधी फाउंडेशन के ट्रस्टी भी थे
  • 2005–06 की वार्षिक रिपोर्ट में भी चीन का दूतावास और चीन सरकार पार्टनर/डोनर के रूप में शामिल
  • आधिकारिक वेबसाइट के दस्तावेज़ में 10 लाख रुपये का भी चीनी दूतावास से डोनेशन
  • सवाल: गांधी परिवार से जुड़ी संस्था को चीन से लगातार डोनेशन क्यों?

पूनम शर्मा

राजीव गांधी फाउंडेशन से जुड़े कुछ दस्तावेज़  और उनकी गहन पड़ताल के दौरान एक दस्तावेज़ से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई—वित्तीय वर्ष 2006–2007 के लेखा-जोखा में दानदाताओं की सूची में चौथे नंबर पर दर्ज है Embassy of the People’s Republic of China in India। इसके सामने दर्ज राशि है 90 लाख रुपये।

अब वक्त था—वर्ष 2006, देश में UPA सरकार, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, और वे खुद राजीव गांधी फाउंडेशन के ट्रस्टी भी थे।
सोचिए—सरकार के साथ गांधी परिवार से जुड़ी संस्था को उसी वक्त चीन से बड़ा डोनेशन क्यों मिला ?

 2005–2006 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार —यहां भी पार्टनर और डोनर की सूची में चीन का दूतावास और चीन सरकार दर्ज मिले।
यानि चीन के दूतावास और सरकार से गांधी परिवार की संस्था को लगातार डोनेशन मिलती रही।

2006–07 का एक और दस्तावेज़ (जो भारत में चीनी दूतावास की वेबसाइट से प्राप्त हुआ) में भी राजीव गांधी फाउंडेशन को 10 लाख रुपये दिए जाने का उल्लेख है।

अब सवाल और बड़ा हो जाता है—कभी 10 लाख, कभी 90 लाख, आखिर किस वजह से चीन गांधी परिवार की संस्था को इतनी बड़ी रकम डोनेशन देता रहा?

यह वही दौर था जब देश में कांग्रेस की सरकार थी और प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह।

अब फैसला आपको करना है—क्या यह सब सिर्फ संयोग था या इसके पीछे कोई गहरी रणनीति और विदेश नीति जुड़ी थी?

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